सावन के पहले सोमवार पर बाबा महाकाल का भांग से विशेष शृंगार, महाआरती में शामिल हुए हजारों श्रद्धालु

उज्जैन, 3 अगस्त . सावन के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और प्रथम सोमवार के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के ढाई बजे मंदिर के पट खुलते ही पूरा प्रांगण जय महाकाल के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा.

प्रथम घंटा बजाकर बाबा को हरिओम जल अर्पित किया गया, जिसके बाद दूध, दही और फलों के ताजे रस से पंचामृत अभिषेक पूजन संपन्न हुआ. इसके बाद बाबा महाकाल का भांग और सूखे मेवों से अत्यंत आकर्षक एवं अलौकिक श्रृंगार किया गया. निराकार से साकार रूप में दर्शन देने पधारे बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई. मंदिर के पुजारियों की ओर से मुख्य महाआरती संपन्न होते ही हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने बाबा के इस अलौकिक रूप के दर्शन किए.

जिन श्रद्धालुओं को अग्रिम बुकिंग की अनुमति नहीं मिल सकी थी, उनके लिए मंदिर समिति की ओर से विशेष ‘चलित भस्म आरती’ दर्शन की व्यवस्था की गई थी, ताकि कोई भी भक्त दर्शन से वंचित न रहे. जिला कलेक्टर ने स्वयं भस्म आरती में उपस्थित होकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और भगवान महाकाल के दर्शन किए.

प्रशासन के अनुसार, बीते रविवार को ही 4 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं और आज सावन के पहले सोमवार पर 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं.

डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने से बातचीत करते हुए कहा, “सावन का पवित्र महीना चल रहा है, और आज इसका पहला सोमवार है. भस्म आरती अभी-अभी खत्म हुई है, और बड़ी संख्या में भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे हैं. प्रशासन की ओर से बड़े इंतजाम किए गए हैं.”

जिला कलेक्टर ने बताया कि भस्म आरती के लिए ‘चलित भस्म आरती’ की व्यवस्था की गई है. बाबा महाकाल की सवारी निकलेगी, जिसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से पूरी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं. परंपरागत तरीके से धूमधाम से बाबा की सवारी निकलेगी. मेरी अपील है कि प्रशासन की ओर बनाई गईं व्यवस्थाओं का सभी श्रद्धालु पालन करें. रविवार को 4 लाख 19 हजार लोगों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए और आज भी उससे ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है.

श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी ओम गुरु ने से बातचीत करते हुए कहा, “हजारों भक्तों ने दर्शन किए और आशीर्वाद लिया. सावन के महीने में, मंदिर सोमवार को जल्दी खुलता है, और आज सुबह करीब 2:30 बजे दरवाजे खोले गए. इस अवसर पर लाखों भक्त मंदिर आते हैं. हम प्रार्थना करते हैं कि भगवान महाकाल सभी की मनोकामनाएं पूरी करें, उन्हें स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद दें, और सभी का कल्याण करें.”

पुजारी ने बताया कि बाबा महाकाल का जल से अभिषेक के साथ ही दही, दूध,घी, शक्कर से बने पंचामृत से स्नान कराया गया. केसर और इत्र से बाबा महाकाल ने स्नान किया. उनका आज भांग से विशेष शृंगार किया गया और विशेष महाआरती की गई.

बाबा महाकाल के दर्शन करने आईं श्रद्धालु गीता ने से बातचीत में कहा, “सावन के पहले सोमवार को भस्म आरती में शामिल होकर मुझे बहुत अच्छा लगा और मैं खुद को भाग्यशाली महसूस कर रही हूं. मैं चाहती हूं कि सभी को सोमवार को यहां आना चाहिए और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लेना चाहिए.”

बाबा महाकाल के भक्त अमित शर्मा ने से कहा, “आज की भस्म आरती सच में बहुत अच्छी थी. हम दिल्ली से आए हैं, और हम नियमित महाकाल मंदिर में भस्म आरती में शामिल होने जाते हैं. आज की आरती, सावन के पवित्र महीने का पहला सोमवार होने के कारण, बहुत खास और एक यादगार अनुभव था.”

बाबा महाकाल की एक महिला भक्त ने से कहा, “भस्म आरती दर्शन के लिए मैं दूसरी बार यहां आई हूं. हम धन्य हो गए कि बाबा महाकाल ने हमें बुलाया.”

एसडी/एएस