
नई दिल्ली, 1 जुलाई . ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज के बयान की कड़ी आलोचना की. अराघची ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरानी लोगों या नेतृत्व के खिलाफ किसी भी धमकी का तुरंत और जोरदार जवाब दिया जाएगा.
ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इजरायली मंत्री के उस विवादित बयान का जिक्र किया, जिसमें वे ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की मौत की बात कर रहे हैं.
अराघची ने ‘एक्स’ पोस्ट पर कहा, ”इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) की शर्तें बिल्कुल साफ हैं और हर कोई उन्हें सार्वजनिक रूप से देख सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की ओर से यह वादा किया है कि वह तेल अवीव में अपने सहयोगियों को काबू में रखेंगे. अगर वे अपने प्रमुख की बात नहीं मानते, तो ईरान उन्हें सबक सिखाएगा.”
अराघची ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हमारे लोगों और हमारे नेतृत्व के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी का तुरंत और पूरी ताकत के साथ जवाब दिया जाएगा.
अराघची के साझा किए गए पोस्ट के अनुसार, एक बयान में ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के बारे में पूछे जाने पर इजरायली मंत्री काट्ज ने कहा कि उनकी ‘मौत’ तय है. उन्होंने ईरानियों को ‘अच्छा व्यापारी’ बताया जो बातचीत में रियायतें हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, और कहा कि इजरायल ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा. उन्होंने कहा कि अगर वे किसी समझौते के जरिए ऐसा करते हैं, तो यह और भी अच्छा होगा.
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दौर चल रहा है. कतर की राजधानी दोहा में बुधवार को भी अमेरिका और ईरान के बीच कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में अप्रत्यक्ष बातचीत जारी रही.
सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि फिलहाल बातचीत अप्रत्यक्ष तरीके से हो रही है. दोनों देशों के प्रतिनिधि आमने-सामने नहीं मिल रहे हैं. बैठकें बंद कमरे में हो रही हैं और मध्यस्थ देश दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ा रहे हैं.
सूत्र के मुताबिक, बातचीत का मुख्य मुद्दा 17 जून को इस्लामाबाद में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को लागू करना है. इसमें ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों और होर्मुज स्ट्रेट की समुद्री सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं.
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एवाई/एबीएम