अमेरिका राजदूत के कश्मीर दौरे पर उमर अब्दुल्ला बोले- ‘किसी दूसरे देश के राजदूत से शिकायत करना मेरी आदत नहीं’

श्रीनगर, 19 अगस्त . जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की बुधवार को प्रस्तावित कश्मीर यात्रा पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश के राजदूत से शिकायत करना मेरी आदत कभी नहीं रही. हमारे मुद्दों का समाधान वाशिंगटन नहीं करेगा, बल्कि हमारी केंद्र सरकार को करना है.

पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हमारी समस्याओं का उनसे (अमेरिकी राजदूत) कोई खास लेना-देना नहीं है. किसी दूसरे देश के राजदूत से शिकायत करना मेरी आदत कभी नहीं रही. हमारे मुद्दों का समाधान वाशिंगटन में नहीं, बल्कि हमारी केंद्र सरकार के पास है.”

उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश के राजदूत से अपने ही देश के बारे में शिकायत करना मेरे लिए बहुत गलत होगा. यह मेरी आदत नहीं है. मैं निश्चित रूप से जम्मू-कश्मीर और हमारी स्थिति के बारे में बात करूंगा, लेकिन न तो शिकायत करूंगा और न ही उनसे समाधान खोजने की कोशिश करूंगा.

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को श्रीनगर शहर का व्यापक दौरा किया. इस दौरान उन्होंने चल रही विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया, सार्वजनिक सुविधाओं का जायजा लिया और शहरी बुनियादी ढांचे तथा सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे महत्वपूर्ण नागरिक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की.

श्रीनगर का दौरा करने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “श्रीनगर शहर जम्मू-कश्मीर की पहचान है. हम देश का एकमात्र ऐसा क्षेत्र हैं, जिसकी दो राजधानियां हैं. गर्मियों में श्रीनगर और सर्दियों में जम्मू. जाहिर है, दोनों शहरों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. श्रीनगर शहर में कुछ अहम प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण करने के लिए हम आज सुबह 6.30 बजे से ही निकले हुए हैं. डाउनटाउन से लेकर अपटाउन तक पूरे शहर में लगभग 10 से 12 प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई. अधिकतर प्रोजेक्ट्स में संतोषजनक प्रगति हो रही है. एक-दो प्रोजेक्ट्स को थोड़ी और तेजी की जरूरत है, और हम उस पर ध्यान देंगे.”

अब्दुल्ला ने कहा कि इन दौरों का फायदा यह होता है कि जो हमें विधानसभा में बताया जाता है और जो जमीनी हकीकत है, दोनों की तुलना का मौका मिलता है. मैं श्रीनगर के निवासियों को यही भरोसा दिलाऊंगा कि आगे भी प्रोजेक्ट्स हाथ में लिए जाएंगे और बड़ी-बड़ी समस्याओं को दूर करेंगे. खासकर भीड़ और ट्रैफिक की समस्याओं के मद्देनजर भी कदम उठाने की जरूरत है. यहां पार्किंग की भी एक बड़ी मुसीबत रहती है. इसका हल निकाला जाएगा.

मुख्यमंत्री ने कहा, “श्रीनगर के कुछ हिस्सों में जल-जमाव की समस्या पुरानी है. यह पिछले दो या पांच सालों में पैदा नहीं हुई है. कॉलोनियां कहां बनीं, किसने इजाजत दी और कैसे बनीं, यह न तो आप जानते हैं और न ही मैं. जब ये कॉलोनियां बनीं, तो इन्हें विकसित करने वालों ने जल निकासी (ड्रेनेज) का कोई इंतजाम नहीं किया. जब कॉलोनी विकसित की जा रही थी, तब जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? अब हमें इन कॉलोनियों में जल निकासी की व्यवस्था करनी पड़ रही है, और हम ऐसा कर भी रहे हैं. हालांकि, यह काम रातों-रात नहीं हो जाएगा.”

नेशनल कॉन्फ्रेंस के घोषणापत्र पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “क्या पांच साल बीत चुके हैं? क्योंकि अभी दो साल भी पूरे नहीं हुए हैं. मैंने पहले दिन से ही कहा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस का घोषणापत्र एक दिन, एक हफ्ते, एक महीने या एक साल के लिए नहीं था. यह पांच साल का रोडमैप है. पांच साल बाद मुझसे यह सवाल पूछिए और मैं आपको विस्तार से जवाब दूंगा. लेकिन कोई यह नहीं कह सकता कि हमने अब तक अपने घोषणापत्र को नजरअंदाज किया है. हर मुद्दे पर किसी न किसी तरह से काम किया गया है और जो भी काम बाकी है, उसे हम आने वाले समय में पूरा करेंगे.”

डीसीएच/