
आणंद, 29 अक्टूबर . गुजरात के आणंद जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को एक व्यक्ति को कथित तौर पर 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया. कार्रवाई के दौरान उसकी कार की तलाशी में 49 लाख रुपए नकद भी बरामद हुए, जिसे एसीबी ने संदिग्ध बताया है.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिलीपभाई उर्फ दीपुभाई पटेल के रूप में हुई है. आरोप है कि वह आणंद की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच से जुड़े एक मामले में रिश्वत की रकम ले रहा था.
मामले में दूसरा आरोपी वीएन राठौड़, (एसओजी में पुलिस सब-इंस्पेक्टर) ट्रैप के दौरान मौके पर मौजूद नहीं था.
एसीबी के अनुसार, दोनों आरोपियों ने शिकायतकर्ता से 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी. आरोप है कि यह रकम एक ऐसे बैंक खाते को दोबारा चालू (अनफ्रीज) कराने के बदले मांगी गई थी, जिसे आणंद टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान फ्रीज किया गया था.
साथ ही शिकायतकर्ता को मामले में गिरफ्तार न करने का आश्वासन देने के लिए भी रिश्वत मांगी गई थी. रिश्वत देने के बजाय शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद ब्यूरो ने 29 अक्टूबर को ट्रैप की योजना बनाई.
कार्रवाई के दौरान दिलीपभाई पटेल को कथित तौर पर पूरी 2 लाख रुपए की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया. एसीबी ने पूरी रकम बरामद कर ली है. एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रैप कार्रवाई आणंद स्थित एसओजी कार्यालय के बाहर की गई.
रिश्वत का लेन-देन आरोपी की मारुति सुजुकी सियाज कार के अंदर हुआ था. कार की तलाशी के दौरान गवाहों की मौजूदगी में एसीबी टीम को 49 लाख रुपए नकद मिले.
एसीबी ने बरामद 49 लाख रुपए को “संदिग्ध” बताया है. एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी नकद राशि कहां से आई और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था.
यह कार्रवाई अहमदाबाद एसीबी की फील्ड-1 यूनिट के पुलिस निरीक्षक डीएन पटेल के नेतृत्व में की गई. एसीबी का कहना है कि प्रारंभिक जांच में दिलीपभाई पटेल और पुलिस सब-इंस्पेक्टर वी. एन. राठौड़ के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप सामने आए हैं. जबकि पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है, राठौड़ ट्रैप के समय मौके पर मौजूद नहीं था.
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एएमटी/एबीएम