
लखनऊ, 21 जुलाई . उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि सपा गरीबों, पिछड़ों और दलितों के हितों की बात तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनके साथ अन्याय हो रहा है.
से बातचीत में मंत्री ओपी राजभर ने कहा, “एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है मऊ में. राजीव राय के द्वारा यादव की जमीन कब्जा की जा रही है और मारपीट की नौबत आ गई. वहां अनर्गल आपत्तिजनक भाषा भी बोली गई. अखिलेश यादव के दूसरे सांसद दरोगा प्रसाद सरोज लालगंज के हैं. उन्होंने एक दलित की 50 बीघा जमीन कब्जा कर ली है और उसमें स्विमिंग पूल बना रहे हैं.”
ओपी राजभर ने सांसद दरोगा प्रसाद सरोज पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आजमगढ़ के मोहनपुर पटवास गांव में एक दलित महिला की करीब 50 बीघा जमीन और तालाब पर कब्जा कर लिया गया है. इस जमीन पर फार्महाउस और स्विमिंग पूल बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पूरे परिसर को तारबंदी कर बिजली का करंट लगाया गया है ताकि कोई अंदर न जा सके. राजभर ने कहा कि गरीब और दलितों की जमीन पर कब्जा करना किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए उचित नहीं है.
मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को “पांच वक्त का नमाजी” बताए जाने वाले बयान पर भी राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद को भगवान श्रीकृष्ण का वंशज बताते हैं, इसलिए उन्हें इस बयान पर खुलकर प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी. राजभर ने कहा कि अगर अखिलेश यादव इस बयान से असहमत हैं तो उन्हें मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करनी चाहिए थी. अब तक सपा प्रमुख की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आने से ऐसा लगता है कि वे मौलाना के बयान का विरोध नहीं कर रहे हैं.
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी ओपी राजभर ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी साथ मिलकर भी भाजपा और उसके सहयोगियों का मुकाबला नहीं कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि 2017 और 2022 के चुनावों में विपक्ष को जिस तरह हार का सामना करना पड़ा, 2027 में भी स्थिति अलग नहीं होगी. राजभर ने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पहले से भी अधिक सीटों के साथ सत्ता में वापसी करेगा. उन्होंने कहा कि विपक्ष का गठबंधन राज्य की जनता का भरोसा जीतने में सफल नहीं होगा.
वहीं, श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में नई सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी लागू किए जाने के फैसले का भी राजभर ने समर्थन किया. उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के सुरक्षा उपाय जरूरी हैं. उनका कहना है कि प्रशासन पहले से सतर्क रहेगा तो भविष्य में विवादों की संभावना कम होगी.
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पीआईएम/वीसी