
चंडीगढ़, 29 अगस्त . नेपाल त्रासदी को लेकर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की प्रतिक्रिया सामने आई है. से बातचीत करते हुए मनीष तिवारी ने कहा, “नेपाल में हुई त्रासदी सचमुच दिल दहला देने वाली है.”
मनीष तिवारी ने कहा, “इस त्रासदी को बयां करने के लिए कोई शब्द ही नहीं हैं. एक क्षण तो लोग बहुत आराम से काम कर रहे थे, और दूसरे क्षण गांव, शहर, सड़कें और पुल सब बह गए. यह इस बात को प्रमाणित करता है कि हिमालय ‘यंग फोल्ड माउंटेंस’ (नई वलित पर्वत-शृंखला) हैं और इसलिए, किसी भी तरह के जलवायु परिवर्तन या बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्यों के प्रति बहुत संवेदनशील और असुरक्षित हैं. नेपाल में हुई यह भीषण त्रासदी एक बार फिर हमें गंभीरता से याद दिलाती है कि इन ‘यंग फोल्ड माउंटेंस’ की पारिस्थितिकी को लेकर हमें बहुत सावधान रहने की जरूरत है.”
उन्होंने कहा कि जिस तरह से इतने लोगों की जान चली गई और भारी क्षति हुई है, यह एक बार फिर मानवता के लिए खतरे की घंटी है. उन्होंने कहा कि इस तरह से संवेदनशील इलाकों में कोई भी इंन्फ्रास्ट्रक्चर विकास करने की कोशिश की जाए तो उसको बहुत ध्यान से करने की जरूरत है.
नेपाल त्रासदी को लेकर टीएमसी नेता सौगत रॉय ने कहा, “यह बहुत गंभीर घटना है. 2,482 लोग लापता हैं, जिनमें 320 भारतीय भी शामिल हैं. नेपाल में करीब 584 लोगों की जान गई है. भारत सरकार ने राहत सामग्री लेकर तीन विमान भेजे हैं. यह एक अच्छी कोशिश है.”
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही पर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “यह बहुत दुखद स्थिति है. केंद्र सरकार को बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता देनी चाहिए. जो लोग फंसे हुए हैं, उन्हें बचाया जाना चाहिए; वहां बड़ी संख्या में भारतीय भी फंसे हैं. भारत सरकार को बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता देनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फंसे हुए लोगों को बचाया जाए.”
जेएमएम नेता मनोज पांडे ने कहा, “यह बहुत बड़ी विभीषिका है. मेरा मानना है कि केंद्र सरकार को अपने संसाधन भेजकर मिशन मोड में काम करना चाहिए और अपने लोगों की खोजबीन करनी चाहिए.
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एसडी/डीएससी