पाकिस्तान का हाल हुआ बेहाल, क्लीन स्वीप के बाद आईसीसी ने लगाया जुर्माना, 11 डब्ल्यूटीसी प्वाइंट्स भी काटे

नई दिल्ली, 14 सितंबर . इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में हुए तीसरे टेस्ट में धीमी ओवर गति बनाए रखने के कारण पाकिस्तान को दोहरी सजा मिली है. इसके चलते टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की प्वाइंट्स टेबल में नुकसान हुआ है और उनका जीत प्रतिशत घटकर 10 प्रतिशत से भी नीचे पहुंच गया है.

आईसीसी ने बताया कि बर्मिंघम में इंग्लैंड से 8 विकेट से हार के दौरान, समय की छूट को ध्यान में रखने के बाद भी लक्ष्य से 11 ओवर कम होने के कारण पाकिस्तान पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है और उनके 11 डब्ल्यूटीसी प्वाइंट भी काट लिए गए हैं.पाकिस्तान टीम को ऑन-फील्ड अंपायर पॉल राइफेल, क्रिस गैफनी, तीसरे अंपायर अल्लाहउद्दीन पालेकर और चौथे अंपायर रसेल वॉरेन ने दोषी पाया है. एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी रंजन मदुगले ने इंग्लैंड के खिलाफ 0-3 से बुरी तरह हारने के बाद बाबर आजम की टीम को यह सजा सुनाई है.

इस सजा का पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हुआ है. बर्मिंघम टेस्ट में हार के बाद टीम का पहले ही डब्ल्यूटीसी प्वाइंट्स टेबल में जीत प्रतिशत 14.81 हो गया था और टीम सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई थी. अब 11 अंक काटे जाने के बाद पाकिस्तान का जीत प्रतिशत घटकर सिर्फ 4.63 प्रतिशत रह गया है. इस कटौती के बाद टीम के पास 9 मैचों से केवल पांच अंक बचे हैं. मौजूदा डब्ल्यूटीसी चक्र में पाकिस्तान ने दो मैच जीते हैं और सात हारे हैं लेकिन धीमी ओवर गति (स्लो ओवर रेट) के कारण उसे अपने 24 प्वाइंट्स में से 19 प्वाइंट गंवाने पड़े हैं.

11 प्वाइंट की इस कटौती से पहले, इस साल मई में बांग्लादेश के खिलाफ ढाका टेस्ट में धीमी ओवर गति के कारण पाकिस्तान के आठ प्वाइंट भी काटे गए थे. ऑस्ट्रेलिया डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है. बांग्लादेश के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ के बाद उनके पास 96 प्वाइंट हैं और उनका जीत प्रतिशत 80 है. साउथ अफ्रीका 36 प्वाइंट और 75 के जीत प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर काबिज है. 72.22 के जीत प्रतिशत के साथ न्यूजीलैंड तीसरे और बांग्लादेश 55.56 के जीत प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर मौजूद है.

एसएम/पीएम