
बिहार शरीफ, 17 जून . बिहार के नालंदा जिले के पावापुरी थाना क्षेत्र में बुधवार को मजदूरों से भरी एक यात्री बस 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गई. इस हादसे में बस पर सवार एक दंपति की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए. पुलिस के मुताबिक, यह हादसा शंभू शरण मंदिर के समीप हुआ जब मजदूरों से भरी एक बस 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गई. इस दर्दनाक हादसे में बस पर सवार पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए.
सभी घायलों को इलाज के लिये बिहार शरीफ स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद बड़ी संख्या में पीड़ित लोगों के परिजन अस्पताल पहुंच गए. बताया जाता है कि पश्चिम चंपारण (बेतिया) से नालंदा जिले के घोषरावा गांव के रहने वाले मजदूर ईंट-भट्ठे पर काम खत्म कर एक यात्री बस से अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान पावापुरी थाना क्षेत्र के शंभू शरण मंदिर के पास बस अचानक 11 हजार वोल्ट की बिजली के तार की चपेट में आ गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस की छत पर साइकिल रखी हुई थी, जो नीचे लटके बिजली तार के संपर्क में आ गई. इसके बाद पूरी बस में करंट दौड़ गया और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई.
हादसे में रुदल मांझी और उनकी पत्नी फूलों देवी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि 12 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. घटना की जानकारी मिलते ही राजगीर के एसडीएम सूर्य प्रकाश गुप्ता, एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता तथा पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव सिंह अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना. प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.
एसडीपीओ ने बताया कि अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि नौ लोग घायल हैं. प्रारंभिक जांच में बिजली तार के काफी नीचे होने की बात सामने आ रही है. उन्होंने कहा कि यदि जांच में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. एक ही परिवार के पति-पत्नी की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि घायल मजदूर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं. प्रशासन मामले की हर पहलू से जांच में जुटा है.
–
एमएनपी/पीएम