इंडी गठबंधन की महारैली में पहुंच रहे लोग, नेताओं ने कहा-‘लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई’

नई दिल्ली, 1 नवंबर . नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन की महारैली को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. रैली में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, सीपीआई समेत गठबंधन के अन्य दलों के नेता और कार्यकर्ता दिल्ली पहुंच रहे हैं. रैली से पहले कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई बताते हुए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. नेताओं ने कहा कि इस महारैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे और वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरेंगे.

कांग्रेस सांसद सुखदेव सिंह भगत ने रैली के कारण व्यापारियों की नाराजगी से जुड़े सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि किसी भी पर्यटन स्थल या टूरिस्ट स्पॉट पर छोटे-मोटे व्यापारियों और स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी वहां आने वाले लोगों से चलती है. जब बड़ी संख्या में लोग किसी स्थान पर पहुंचते हैं, तो स्थानीय कारोबार को भी फायदा होता है. उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग दिल्ली आ रहे हैं. ऐसे में वे यहां के होटलों में ठहरेंगे और स्थानीय दुकानों तथा खानपान की सेवाओं का इस्तेमाल करेंगे. इससे व्यापारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा.

वहीं, दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने रैली की तैयारियों और कार्यकर्ताओं के उत्साह को लेकर कहा कि कार्यक्रम का निर्धारित समय दोपहर 12 बजे था लेकिन सुबह 9 बजे से ही लोग पूरे जोश के साथ रामलीला मैदान पहुंचने लगे थे. उन्होंने बताया कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और के.सी. वेणुगोपाल भी रैली की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे.

एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव दानिश अबरार ने वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी के खिलाफ चल रही लड़ाई लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के लिए है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार चुनाव में वोट चोरी कर सकती है, चुनाव आयोग पर दबाव बना सकती है या फिर विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए सत्ता हासिल करने की कोशिश कर सकती है. उन्होंने कहा कि विपक्ष इसी तरह की कथित गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठा रहा है.

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सुब्बुरमन थिरुनावुक्करासर ने महारैली को एक बड़ा आयोजन बताया. उन्होंने कहा कि देशभर से लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं और सभी रास्ते रामलीला मैदान की ओर जा रहे हैं. इंडी गठबंधन में शामिल सभी दल इस रैली में हिस्सा ले रहे हैं. यह एक बड़ी जनसभा साबित होने वाली है.

कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर पहले से ही परेशान है और विपक्ष लंबे समय से इस पर बहस की मांग कर रहा है. उनके मुताबिक, चुनाव में कथित हेरफेर, वोट कटवाने और गठबंधन में जोड़-तोड़ के जरिए राज्यों में सरकारें बनाने से जुड़े आरोप अब सबूतों के साथ जनता के सामने आ चुके हैं.

उन्होंने कहा कि अब यह मुद्दा केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं रहा बल्कि आम जनता तक पहुंच चुका है. देश के लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को इस तरह कुचले जाते हुए चुपचाप नहीं देख सकते. उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में होने वाली यह महारैली जनता की आवाज बनेगी और इसमें देश के कोने-कोने से लोग शामिल होने पहुंच रहे हैं.

सीपीआई सांसद पी संतोष ने भी रैली में भारी भीड़ जुटने का दावा किया. उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों से लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं. कई लोग ट्रेन और ट्रकों के जरिए एक दिन पहले से ही आना शुरू हो गए थे. उन्होंने उम्मीद जताई कि रैली में भारी जनसमूह उमड़ेगा और पूरी दुनिया की नजरें दिल्ली पर होंगी. उन्होंने दावा किया कि इस आयोजन में 10 लाख से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं.

उधर, लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और पुलिस अपना काम करेगी. उन्होंने बताया कि रैली में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और इंडी गठबंधन के कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी शामिल होंगे. उन्होंने इसे देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए ऐतिहासिक रैली बताया.

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एसएके/पीएम