
मुंबई, 29 अप्रैल . इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ मुकाबले के दौरान राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के 24 वर्षीय कप्तान रियान पराग कथित तौर पर ड्रेसिंग रूम में वेपिंग का इस्तेमाल करते हुए कैमरे में कैद हुए. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंपायर की भूमिका निभा चुके अनिल चौधरी ने युवा क्रिकेटर्स को चेताया है कि वे बड़े टूर्नामेंट के दौरान मैदान के अंदर या बाहर अपने व्यवहार को लेकर सतर्क रहें.
यह घटना मंगलवार को राजस्थान रॉयल्स की पारी के 16वें ओवर के दौरान हुई. इस मुकाबले के दौरान कैमरे ड्रेसिंग रूम की ओर घूमे और रियान पराग को यशस्वी जायसवाल, युद्धवीर सिंह चरक और कुलदीप सेन के सामने वेप डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए कैद कर लिया. यह फुटेज तुरंत वायरल हो गया, जिससे खिलाड़ियों के अनुशासन और भारतीय कानून के तहत ऐसे उपकरणों की वैधता पर बहस छिड़ गई.
अनिल चौधरी ने ईयूटी20 बेल्जियम जर्सी लॉन्च के मौके पर ‘ ’ से बात करते हुए कहा, “मुझे कानूनी पहलुओं के बारे में तो ठीक से नहीं पता, लेकिन निश्चित रूप से, नियम और अन्य कानून तो होंगे ही. कभी-कभी ये कैमरे कहीं भी जा सकते हैं, इसलिए सभी खिलाड़ियों को बहुत सावधान रहना चाहिए. ये युवा लड़के हैं. उन्हें यह नहीं पता होता कि टॉयलेट को छोड़कर वे कहीं भी कैमरे में कैद हो सकते हैं, इसलिए लड़कों को सावधान रहना चाहिए. मेरा मानना है कि टीवी पर अच्छी चीजें दिखाई जानी चाहिए, और हमें दूसरी बातों के बजाय खेल पर चर्चा करनी चाहिए.”
भारतीय कानून के अनुसार, ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम’ (पीईसीए) 2019 के तहत वेपिंग या ई-सिगरेट का उपयोग करना गैर-कानूनी है. यह अधिनियम भारत में ई-सिगरेट और वेप्स के उत्पादन, बिक्री, खरीद, आयात, निर्यात और विज्ञापन पर रोक लगाता है. इसके उल्लंघन पर जेल की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है.
हालांकि, वेपिंग को लेकर कोई स्पष्ट सार्वजनिक नियम सामने नहीं है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पास स्टेडियम के भीतर खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर सख्त दिशा-निर्देश हैं.
ड्रेसिंग रूम या डगआउट में तंबाकू या उससे जुड़े उत्पादों के इस्तेमाल को लेकर आमतौर पर स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत रोक रहती है. ऐसे में रियान पराग पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का खतरा मंडरा सकता है.
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आरएसजी