पीएम मोदी मंदिर जाते हैं और विपक्षी बाबर की कब्र पर चादर चढ़ाते हैं : दिनेश शर्मा

नई दिल्ली, 8 जुलाई . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया दौरे के दौरान बुधवार को प्रसिद्ध ‘प्रम्बानन मंदिर’ का दौरा किया और पूजा-अर्चना की. भाजपा सांसद और वरिष्ठ नेता दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि हमारे पीएम मंदिर जाते हैं और कुछ विपक्षी लोग बाबर की कब्र पर चादर चढ़ाते हैं. पीएम मोदी और विपक्षी लोगों की मानसिकता में बहुत बड़ा अंतर है.

नई दिल्ली में से बातचीत में भाजपा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को 30 से ज्यादा देशों में सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ है. सबसे बड़े इस्लामिक देश में 1,000 साल पुराने शिव मंदिर के जीर्णोद्धार का भार भी उठाया जा रहा है. कितने देशों से विरासतें लाई जा रही हैं, कहीं लक्ष्मी मां की प्रतिमा, कहीं बौद्ध प्रतिमाएं, तो कहीं गुरु ग्रंथ साहिब. प्रधानमंत्री मोदी मंदिर जाते हैं, विदेशों में जाते हैं तो दुबई में मंदिर बन जाता है, यूएई में मंदिर बन जाता है. इंडोनेशिया जैसे इस्लामिक देश में भी मंदिर का संरक्षण हो रहा है और अच्छा वातावरण बन रहा है.

दिनेश शर्मा ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा, “नेहरू जी कहां गए थे? बाबर की कब्र पर चादर चढ़ाने. इंदिरा गांधी कहां गई थीं? बाबर की कब्र पर चादर चढ़ाने. इसी कारण विपक्षी लोगों की मानसिकता से बाबरी सोच का जिन्न अभी तक नहीं निकल पा रहा है.

केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन पर दिनेश शर्मा ने गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है और ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए. केंद्र सरकार ने पूरे प्रदेश को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है तथा केंद्रीय पुलिस बल समेत सभी राहत एजेंसियां काम पर लगी हुई हैं.

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर भाजपा सांसद ने कहा कि भाजपा सभी धर्मों का सम्मान करती है. किसी धर्म का अपमान हमारी प्रवृत्ति नहीं है. लेकिन, विपक्ष जानबूझकर भारत की सनातन संस्कृति और एकता को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है तथा जातिवाद को बढ़ावा दे रहा है. यही वजह है कि जनता उन्हें बार-बार दंड दे रही है और वे ‘परमानेंट विपक्ष’ का तमगा पा चुके हैं.

चंपत राय के बयान पर भाजपा सांसद ने कहा कि वे किसी वरिष्ठ व्यक्ति की बातों पर सीधे टिप्पणी नहीं कर सकते. उनका अपना मत है कि सनातन आस्था का सम्मान, पूर्ण पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एसआईटी जांच के जरिए इसे बेहतर तरीके से संभाल रहे हैं.

उन्होंने विपक्ष से अपील की कि आस्था के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय जांच पूरी होने दें और यदि उनके पास कोई ठोस सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक करें. आरोपों के आधार पर भ्रम फैलाना उचित नहीं है.

डीकेएम/एबीएम