
काठमांडू, 5 जून . नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रबी लामिछाने ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने अपनी हालिया भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को नेपाल आने का निमंत्रण दिया है.
पांच दिवसीय भारत यात्रा पूरी कर काठमांडू लौटे लामिछाने ने त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दोनों नेताओं ने नेपाल यात्रा को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है.
उन्होंने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष को नेपाल आने का निमंत्रण दिया. दोनों इस प्रस्ताव को लेकर काफी सकारात्मक हैं. समय और परिस्थितियां अनुकूल होने पर यह यात्रा निश्चित रूप से होगी.”
लामिछाने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के निमंत्रण पर भारत दौरे पर गए थे. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की.
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा पर पूछे गए सवाल के जवाब में लामिछाने ने कहा कि किसी भी उच्चस्तरीय यात्रा का समय परिस्थितियों और कूटनीतिक प्राथमिकताओं के अनुसार तय किया जाता है.
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री की भारत यात्रा का निर्णय उचित समय और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा.”
लामिछाने ने भाजपा मुख्यालय में अपने और अपने प्रतिनिधिमंडल के स्वागत की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनके या उनकी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि पूरे नेपाल और नेपाली जनता के लिए था.
भारत-नेपाल संबंधों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बातचीत पूरी तरह पारदर्शी और विकास तथा समृद्धि के एजेंडे पर केंद्रित थी.
उन्होंने कहा, “नेपाल और भारत के संबंध तब और मजबूत होंगे जब दोनों देश आर्थिक समृद्धि के रास्ते पर साथ आगे बढ़ेंगे.”
लामिछाने के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच खेल, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर व्यापक चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि वर्तमान नेपाली सरकार पिछली नीतिगत कमजोरियों को पीछे छोड़कर विकास आधारित कूटनीति को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है.
इस बीच, नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल भी अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच चुके हैं. दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संपर्क और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने सहित कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.
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डीएससी