
नई दिल्ली, 17 जून . दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पश्चिम विहार स्थित जिम पर हुई फायरिंग के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो कथित शूटरों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत जिले के रिवाड़ा गांव निवासी 19 वर्षीय अरमान और 21 वर्षीय तुषार उर्फ ताशु उर्फ पिंकू के रूप में हुई है.
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने 11 जून की तड़के पश्चिम विहार जिम के बाहर हुई फायरिंग की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है. जिस जिम पर फायरिंग हुई थी, वह पंजाबी गायक गुरु रंधावा से जुड़ा बताया जाता है.
पुलिस के मुताबिक, 11 जून को सुबह करीब 4 बजे दो बाइक सवार बदमाशों ने जिम के बाहर कई राउंड फायरिंग की थी. घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली थी. मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस को सात खाली कारतूस बरामद हुए थे, जिन्हें जब्त कर जांच शुरू की गई.
इस संबंध में पश्चिम विहार ईस्ट थाने में भारतीय न्याय संहिता की तमाम धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था. घटना के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित नामक व्यक्ति की एक इंस्टाग्राम पोस्ट वायरल हुई थी. पोस्ट में फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया गया था कि यह हमला गुरु रंधावा को चेतावनी देने के लिए किया गया. पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि गुरु रंधावा अभिनेता सलमान खान के करीब आ रहे थे.
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की एनडीआर यूनिट, आर.के. पुरम की एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और फील्ड ऑपरेशन के जरिए आरोपियों के भागने के पूरे रूट का विश्लेषण किया. पुलिस ने लगभग 100 किलोमीटर के दायरे में आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया और उनके नेटवर्क की जांच की.
जांच के दौरान पुलिस ने साहिल, सागर, अरमान और तुषार की पहचान की. इसके बाद मामले की जांच स्थानीय पुलिस से क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई. क्राइम ब्रांच को आरोपियों की लोकेशन और ठिकानों के बारे में सूचना मिली, जिसके आधार पर 15 जून को हरियाणा के बहादुरगढ़ में एक विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान अरमान और तुषार को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में दोनों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की.
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियां पूरे गैंग के नेटवर्क का पता लगाने, फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने और वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं.
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एएमटी/एबीएम