सेवा, सुरक्षा और सुशासन की असली रीढ़ पु‍लिस, मध्य प्रदेश 35 साल बाद नक्सल मुक्त: सीएम मोहन यादव

भोपाल, 15 अगस्त . मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पुलिस, प्रदेश में सेवा, सुरक्षा और सुशासन की असली रीढ़ है. मध्य प्रदेश करीब 35 साल बाद नक्सल मुक्त हुआ है.

मुख्यमंत्री निवास में स्वाधीनता दिवस के अवसर पर शनिवार को आयोजित समारोह में राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा पदक, सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति के होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा पदक एवं सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से अलंकृत पुलिस और होमगार्ड्स के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया.

सीएम ने पदक विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की. समारोह में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पुलिस, प्रदेश में सेवा, सुरक्षा और सुशासन की असली रीढ़ है. मध्य प्रदेश करीब 35 साल बाद नक्सल मुक्त हुआ है. पुलिस ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस पर अनमोल तोहफा दिया है.

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद मुक्त भारत का संकल्प लिया था. इस संकल्प के साथ मध्य प्रदेश सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हुए आगे बढ़ी. सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है मध्य प्रदेश लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला देश का अग्रणी राज्य बना है. नक्सल मुक्त भारत के अभियान में मध्य प्रदेश पुलिस के जवानों और हॉक फोर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.

उन्‍होंने कहा कि हमारे पुलिस जवानों ने कई नक्सलियों का सफाया किया तो कई ने सरकार और पुलिस के सामने अपने हथियार डाल दिए. अब ऐसे पूर्व नक्सली भी विकास की मुख्य धारा से जुड़ रहे हैं. केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार लंबे समय तक जीवन की मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए संकल्पित है.

सीएम ने कहा कि पुलिस और होमगार्ड्स के अधिकारी-कर्मचारी विषम परिस्थितियों में भी नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर रहते हैं. इनके समर्पण और सेवाभाव से ही समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होती है. पुलिस समाज में समरसता लाने की दिशा में भी बड़ी भूमिका निभाती है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर मुस्कान लाना सरकार का कर्तव्य है. हमारी सरकार ने सबकी पदोन्नति की बाधा दूर की. उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार हमने इस वर्ष अब तक 27 हजार 534 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नत कर दिया है, क्योंकि आपके प्रमोशन सरकार के इमोशंस भी जुड़े थे.

उन्‍होंने कहा कि पुलिस में नई भर्तियां भी जारी है. वर्ष 2023 से अब तक 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का पुलिस में चयन किया गया. इस साल हमने 9 हजार 751 पुलिस कर्मियों की नई भर्तियों के लिए मंजूरी दे दी है. थानों और पुलिस के वरिष्ठ कार्यालयों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ दिया गया है.

एसएनपी/एएसएच