
तिरुवनंतपुरम, 25 सितंबर . एर्नाकुलम में कलामसेरी पुलिस ने रिपोर्टर टीवी के मैनेजिंग एडिटर एंटो ऑगस्टीन और उनके चैनल के एक अन्य पत्रकार क पूछताछ के लिए सोमवार को बुलाया है. उनसे केरल के मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने तथा विवाह संबंधी दावों को लेकर पूछताछ की जाएगी.
इस मामले में पूछताछ ऐसे समय हो रही है, जब एंटो ऑगस्टीन की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत शनिवार को अपना फैसला सुनाने वाली है.
कलामसेरी पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद ऑगस्टीन ने अग्रिम जमानत के लिए तिरुवनंतपुरम जिला अदालत का रुख किया था. यह मामला वरिष्ठ कांग्रेस नेता और केपीसीसी प्रवक्ता राजू पी. नायर की शिकायत पर दर्ज किया गया था. जांच के तहत रिपोर्टर टीवी के एक अन्य पत्रकार को भी शनिवार को पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है.
यह मामला उन टिप्पणियों से जुड़ा है, जो ऑगस्टीन ने करीब तीन सप्ताह पहले एक सार्वजनिक कार्यक्रम में की थीं. उन्होंने मुख्यमंत्री से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे और एक विवाह से संबंधित दस्तावेजों का भी उल्लेख किया था. पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आधार यह आरोप है कि ये दस्तावेज फर्जी थे और उनका इस्तेमाल मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से किया गया था.
आबकारी मामले में कुछ दिन जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए ऑगस्टीन ने मुख्यमंत्री के बारे में अपनी टिप्पणियों से जुड़े एफआईआर में पहले आरोपी बनाए गए हैं.
इस मामले में कथित तौर पर शामिल दो अन्य अज्ञात लोगों का भी जिक्र किया गया है. शिकायत पहले राज्य पुलिस प्रमुख को सौंपी गई थी, जिसके बाद तिरुवनंतपुरम सिटी साइबर पुलिस ने शिकायतकर्ता का विस्तृत बयान दर्ज किया. बाद में मामले की जांच कलामसेरी पुलिस को सौंप दी गई. हाल ही में राजू पी. नायर भी पुलिस के समक्ष पेश हुए और अपना बयान दर्ज कराया.
नायर ने आरोप लगाया है कि सीएम वीडी सतीशन के खिलाफ लगाए गए आरोपों के पीछे एक साजिश थी. उन्होंने मांग की है कि ऑगस्टीन के पास होने का दावा किए गए दस्तावेजों को जब्त कर उनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाए.
नायर का यह भी आरोप है कि इन दावों को ऐसे समय फिर से उछाला गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) समेत विभिन्न जांच एजेंसियां रिपोर्टर टीवी के दफ्तरों में तलाशी अभियान चला रही थीं.
उनके अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम चैनल के लिए मुश्किल दौर के दौरान संबंधित अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश का हिस्सा था. हालांकि, ऑगस्टीन का कहना है कि ये दस्तावेज उन्हें दो व्यक्तियों ने सौंपे थे.
पुलिस अब ऑगस्टीन और चैनल के पत्रकार से दस्तावेजों के स्रोत, उनकी प्रमाणिकता तथा उन परिस्थितियों के बारे में पूछताछ कर सकती है, जिनमें इन आरोपों को सार्वजनिक किया गया.
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि जाली दस्तावेजों को जानबूझकर अपने पास रखा गया और उनका प्रसार एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि तथा उसके पद की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया.
हालांकि, ये सभी आरोप पुलिस जांच का हिस्सा हैं और अभी तक किसी अदालत द्वारा सिद्ध नहीं हुए हैं.
यह ताजा मामला ऑगस्टीन की कानूनी मुश्किलें बढ़ा सकता है. इससे पहले वह “मेसी प्रकरण” से जुड़े मामले में भी कानूनी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं.
–
ओपी/वीसी