
अजमेर, 17 सितंबर . राजस्थान के अजमेर नगर निगम के मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बेंगलुरु शिफ्ट कर दिया है. 21 सितंबर को होने वाले मतदान तक खेमे को एकजुट बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है.
राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ इस समूह का नेतृत्व कर रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक 37 कांग्रेस पार्षदों और पांच निर्दलीय पार्षदों को बेंगलुरु भेजा गया है, जिससे उनके साथ कुल पार्षदों की संख्या 42 हो गई है.
धर्मेंद्र राठौड़ ने बताया कि पार्षद 20 सितंबर तक वहीं रहेंगे और 21 सितंबर को मेयर चुनाव के लिए अजमेर लौटेंगे.
कांग्रेस ने पहले अपने निर्वाचित पार्षदों को पुष्कर में एक जगह पर रखा था. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश के बाद उन्हें बेंगलुरु ले जाने का फैसला किया गया.
अजमेर नगर निगम में कुल 80 वार्ड हैं. कांग्रेस ने 37 सीटें जीती हैं, भाजपा ने 32 सीटें, जबकि 11 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गई हैं. बहुमत के लिए 41 वोटों की जरूरत है, ऐसे में निर्दलीय पार्षद मेयर चुनाव में अहम भूमिका में हैं. कांग्रेस ने पांच निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया है. 21 सितंबर के चुनाव से पहले दोनों बड़ी पार्टियां समर्थन जुटाने में लगी हैं.
कांग्रेस ने वार्ड 57 की पार्षद किरण गढ़वाल को मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाया है. वहीं भाजपा ने वार्ड 3 की पार्षद अनामिका शर्मा को मैदान में उतारा है. दोनों उम्मीदवारों ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल किया, जिससे मेयर पद के लिए सीधा मुकाबला तय हो गया है.
किरण गढ़वाल ने कहा है कि महिला सुरक्षा उनकी प्राथमिकताओं में होगी. उन्होंने युवाओं के लिए सुविधाओं और खेल मैदानों को बेहतर बनाने और अजमेर के विकास के लिए एक्शन प्लान तैयार करने की भी बात कही है.
धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्षदों पर दबाव की आशंका के बीच उन्हें शिफ्ट करने का फैसला किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उनकी पार्टी के पार्षदों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है. ये आरोप कांग्रेस द्वारा लगाए गए हैं और स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि नहीं हुई है.
फिलहाल भाजपा और कांग्रेस दोनों ही मेयर चुनाव से पहले निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल करने की कोशिश में हैं. 80 निर्वाचित पार्षद 21 सितंबर को वोट डालेंगे और उसी दिन नतीजा आने की उम्मीद है.
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वीकेयू/वीसी