
लखनऊ, 28 सितंबर . विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की 30 सितंबर को प्रस्तावित बैठक को लेकर नेताओं के रिएक्शन सामने आए हैं. उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग के राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, “हम लोगों की ओर से पहले दिन से कहा जा रहा है कि ‘इंडिया’ गठबंधन पूरी तरह से फ्लॉप एक्सपेरिमेंट है. यह एक घिसी-पिटी कहानी को आगे बढ़ाने की कोशिश है.
दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि इस गठबंधन के तमाम दल एक-दूसरे के साथ कभी नहीं थे. ये लोग सत्ता का सुख हासिल करने के लिए एकजुट होना चाहते हैं. इस गठबंधन के एजेंडे में कभी जनता की भलाई और विकास नहीं है.”
समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी ने कहा, “यह कोई जरूरी नहीं है कि ‘इंडिया’ गठबंधन की हर बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष शामिल होंगे. गठबंधन में कोई मतभेद नहीं है, लेकिन पार्टी के कोई न कोई प्रतिनिधि शामिल होंगे. चुनाव से पहले कई बैठकें होंगी, जब जरूरत पड़ेगी तब राष्ट्रीय अध्यक्ष शामिल होंगे.”
सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा, “कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गठबंधन, इंडिया गठबंधन ताकतवर रूप से है और कोई नेता, छोटा या जिसके काबू में चीज नहीं है, जिसको पता नहीं है, जिसको जानकारी नहीं है, वो अखिलेश यादव और राहुल गांधी की सीधी बात होती हैं, खड़गे और अखिलेश की बातें होती हैं, ये इन लोगों को ऐसे नहीं बोलना चाहिए.”
समाजवादी पार्टी नेता आरके वर्मा ने कहा, “बैठक में समाजवादी पार्टी का कोई भी नेता जा सकता है, जिसको भी राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत कर देंगे, वह जाएगा और बैठक का हिस्सा बनेगा. उस बैठक से एक ऐसा अमृत निकलने वाला है, जो देश का कल्याण करेगा, देश के नफरती माहौल को खत्म करेगा और समाजवादी पार्टी गठबंधन की सरकार बनाएगी.”
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “निश्चित तौर पर बड़ी बैठक है. हमारे सारे के सारे साथी, सहयोगी, राहुल गांधी, बाकी सब लोग आएंगे और सारा इंडिया गठबंधन एक होगा. एक बैठक करके निर्णय करेगा कि पूरे देशव्यापी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जो वोट चोरी के अगुआ लोग बता रहे हैं जिनको, जो खुलासे हुए हैं, उनके समर्थन में कैसे हम लोग आगे बढ़ेंगे, इसका हम फैसला करेंगे.”
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एसडी/वीसी