
वाराणसी, 29 जुलाई . काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रावण मास और कांवड़ की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने सावन में काशी विश्वनाथ धाम में लगभग 1 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीदजताई है.
विश्वभूषण मिश्रा ने से बातचीत में कहा, “श्री काशी विश्वनाथ धाम में सावन के महीने में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं. श्रद्धालुओं के स्वागत और सुरक्षा के साथ-साथ उनके दर्शन को सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. हमारे स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के अनुसार, श्रद्धालुओं के लिए जिग-जैग कतार व्यवस्था, छायादार जगह, ग्लूकोज-पानी की सुविधा और बारिश से बचाव जैसे इंतजाम किए गए हैं.”
विश्वभूषण मिश्रा ने आगे बताया कि सावन के पहले और प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं पर फूल वर्षा की गई है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए सभी प्रकार के अनुरोध और प्रोटोकॉल दर्शन और काशी द्वार फिलहाल अभी प्रतिबंधित किया गया है. यह कदम भीड़ को देखते हुए उठाया गया है. अगर भीड़ कम होगी तो काशी द्वार का संचालन शुरू किया जाएगा.
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि काशी विश्वनाथ के सभी सोशल मीडिया हैंडल पर श्रद्धालु लाइव दर्शन कर सकेंगे. विगत वर्षों में यहां 1 करोड़ 65-70 लाख श्रद्धालु काशी विश्वनाथ में दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं. इस बार 80 लाख से 1 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, काशी धाम में पॉलीथिन पूरी तरह बैन है, जिसका स्थानीय लोग पूर्णतः पालन कर रहे हैं. इसलिए बाहर से आने वाले श्रद्धालु प्लास्टिक में कांवड़ का जल लेकर न आएं.
वहीं, गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर वाराणसी में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई. भक्तों ने गंगा स्नान के बाद पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चारण और धार्मिक अनुष्ठान किए. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहीं.
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ओपी/एएस