
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर . भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 22 से 23 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी.
अपनी यात्रा के दौरान, वह राज्य भर में कई महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी. 22 अक्टूबर को राष्ट्रपति रायपुर में होंगी.
वह लोक भवन में ‘माता हसी देवी जी’ के सम्मान में एक स्मारक सिक्का जारी करेंगी. यह विशेष सिक्का इस सम्मानित आध्यात्मिक हस्ती को श्रद्धांजलि देता है और उनके सम्मान में एक महत्वपूर्ण क्षण है.
उसी दिन, राष्ट्रपति मुर्मु ‘नुआखाई’ त्योहार के अवसर पर आयोजित दो बड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगी. वह रायपुर में ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी.
नुआखाई, जो इस क्षेत्र में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाने वाला एक पारंपरिक फसल उत्सव है, छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए गहरा सांस्कृतिक महत्व रखता है.
इन कार्यक्रमों में राष्ट्रपति की उपस्थिति सामुदायिक सेवा को सम्मान देने और युवाओं को प्रेरित करने के महत्व को दर्शाती है.
23 अक्टूबर को, राष्ट्रपति बस्तर क्षेत्र के जगदलपुर जाएंगी. वह ‘मुरिया दरबार’ में शामिल होंगी, जो एक पारंपरिक आदिवासी सभा है और स्थानीय सांस्कृतिक कैलेंडर का एक अभिन्न अंग है.
इसके बाद, वह बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगी. बस्तर दशहरा एक अनोखा और भव्य त्योहार है, जो देश के अन्य हिस्सों में मनाए जाने वाले दशहरा से काफी अलग है.
यह बस्तर के आदिवासी समुदायों की परंपराओं से गहराई से जुड़ा है और कई दिनों तक चलता है, जिसमें विशेष रीति-रिवाज और जुलूस शामिल होते हैं.
राष्ट्रपति की यह यात्रा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को उजागर करती है, जिसमें आध्यात्मिक श्रद्धा, फसल उत्सव, आदिवासी परंपराएं और युवाओं की भागीदारी एक साथ देखने को मिलती है.
रायपुर और जगदलपुर के ये कार्यक्रम राज्य की जीवंत विरासत और क्षेत्रीय त्योहारों और सामुदायिक पहलों के साथ केंद्र सरकार के निरंतर जुड़ाव को दर्शाते हैं.
दो दिवसीय इस यात्रा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के शहरी और आदिवासी दोनों तरह के क्षेत्र शामिल हैं, जिससे राष्ट्रपति को इन सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण अवसरों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ने का मौका मिलेगा.
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एससीएच/डीकेपी