
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई प्लेन की घटना के बाद भारत के बहादुर पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की. प्रधानमंत्री ने उनकी बहादुरी की तारीफ की और उनके जल्द ठीक होने की कामना की. बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री से अपने अनुभव और उस घटना के दौरान उन्हें हिम्मत कैसे मिली, इसके बारे में बताया.
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्मित मच्छार के परिजनों से बातचीत की थी. भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पायलट स्मित मच्छार की पत्नी और उनके माता-पिता से बात की थी. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ‘भारतीय मिशन’ हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं.
घटना के बाद प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा था, “कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं. बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए ज़बरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया. उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई. भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है. हम उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.”
बता दें कि मूल रूप से गुजराती स्मित मच्छार पर दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में को-पायलट ने उड़ान के दौरान हमला किया था. चाकू से हुए हमले में घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने यात्रियों और क्रू के साथ-साथ विमान को सुरक्षित रखा. विमान में अधिकतर इजरायली नागरिक थे, जिन्होंने को-पायलट को पकड़ा और बाद में तबुक एयरपोर्ट पर विमान को सुरक्षित उतारा गया.
इजराइली प्रधानमंत्री के अनुसार, घटना के दौरान पायलट मच्छार को चाकू मारा गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए. हालांकि, उन्होंने जवाबी कार्रवाई की, हमलावर का मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में मदद की. पायलट स्मित मच्छार अभी उत्तर-पश्चिम सऊदी अरब के तबुक शहर के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें जरूरी मेडिकल इलाज दिया जा रहा है.
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ओपी/एएस