
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर . कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर जारी सियासी घमासान को लेकर शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि राजनीति में सभी दलों की भाषा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. खड़गे के बयान को ध्यान भटकाने वाला मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि माता-पिता, बहन-बेटी या बच्चों को राजनीति में घसीटना, जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं, सरासर गलत है.
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “राजनीति में सभी की भाषा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. साथ ही आज देश के ज्वलंत मुद्दे क्या हैं? देश के मुद्दे महंगाई, भ्रष्टाचार और वोट चोरी हैं. देश के युवाओं की बहुत सारी दिक्कतें हैं, जिन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. यह फिर से ध्यान भटकाने वाला मुद्दा है.”
उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करती हूं कि सभी राजनीतिक दल अपनी भाषा का ध्यान रखें और संयमित भाषा में अपनी बात आगे रखें. मैं फिर दोहराऊंगी कि किसी भी तरह से मां-बाप, बहन, बेटी या बच्चों को राजनीति में खींचना, जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, सरासर गलत है.
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि उनका इतिहास रहा है कि उन्होंने लगातार सनातन धर्म के लिए काम किया है. उन्होंने नर्मदा यात्रा भी की है और अभी भी शायद किसी यात्रा पर हैं. हालांकि, उन्होंने कई विवादित बयान भी दिए हैं. मैं मानती हूं कि हिंदू धर्म और हिंदुत्व में अंतर है, और हम भी जानते हैं, आप भी जानते हैं कि उनमें क्या फर्क है. हिंदुत्व, सनातन परंपरा का ही एक हिस्सा है, लेकिन जिस तरीके से भारतीय जनता पार्टी उसे हथियार बनाकर ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है.
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पाकिस्तान ने किसी भी प्रकार से कश्मीर को बचाने में कोई योगदान नहीं दिया है. उसने केवल कश्मीर में आतंकवाद फैलाया है. वह कश्मीर को एक ऐसी संपत्ति की तरह देखता है, जिस पर कब्जा किया जा सके और इसके लिए वह हर तरह की कोशिश करने को तैयार रहा है. हमारे देश में जो आतंकवाद फैला, उसके लिए सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तान जिम्मेदार रहा है. इसलिए पाकिस्तान का यदि कोई योगदान रहा है, तो वह सिर्फ हमारे देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा देने, उसे पनाह देने और आगे बढ़ाने का रहा है.
जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हुए विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि जामिया में जिस प्रकार से इन दिनों विरोध-प्रदर्शन चल रहा है और इस बीच कांग्रेस के कई सांसद वहां शामिल हुए थे, चाहे इमरान प्रतापगढ़ी हों या अन्य नेता, उन पर एफआईआर भी दर्ज की गई है. वहां छात्रों का आंदोलन छात्र संघ और उनके मुद्दों को लेकर हो रहा है. उसमें राजनेताओं का क्या लेना-देना है, यह मुझे समझ में नहीं आता. यदि छात्र संघ बनना है या नहीं बनना है, तो यह वहां का प्रबंधन और छात्र तय करेंगे. उसमें किसी भी प्रकार की राजनीति करना उचित नहीं है.
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केके/एबीएम