प्रियंका चतुर्वेदी का केंद्र सरकार पर हमला, कहा- गतिरोध बिल पर नहीं, जवाबदेही को लेकर है

नई दिल्ली, 10 अगस्त . संसद के मानसून सत्र में लगातार जारी गतिरोध के बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सदन में गतिरोध किसी बिल को लेकर नहीं, बल्कि जवाबदेही को लेकर है. वहीं उन्होंने झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के काफिले पर हुए हमले पर भी प्रतिक्रिया दी.

से बात करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “गतिरोध किसी बिल को लेकर नहीं है और न ही इस बात को लेकर है कि कौन सा बिल पेश किया जा रहा है. असली मुद्दा यह है कि देश के गृह मंत्री सदन में आकर सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं.

उन्होंने कहा, “जब देश के गृह मंत्री संसद आते हैं तो यह उनकी जिम्मेदारी होती है — जब संसद का सत्र चल रहा हो — कि अगर कोई मुद्दा उठता है, जैसे दिल्ली में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन, जहां लाठीचार्ज हुआ, पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ, तो वे सदन में आकर उसका जवाब दें, लेकिन वे जवाबदेही से बच रहे हैं. इसीलिए यह गतिरोध बना हुआ है.”

प्रियंका ने सरकार पर बिल पास करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “सरकार चाहती है कि चर्चा हो और हम भी चाहते हैं चर्चा हो, पर तीन-तीन, चार-चार मिनट की चर्चा के बाद ध्वनि मत के माध्यम से बिल पास हो रहे हैं, यह कहां तक सही है? गृहमंत्री और प्रधानमंत्री को लेकर जो गतिरोध बना बना हुआ है, मैं उम्मीद करती हूं वह खत्म होगा.”

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वहां सरकार छात्रों से बात कर रही है, जो सकारात्मक कदम है.

उन्होंने कहा, “झारखंड में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन एक बात जो यहां और वहां दोनों जगह साफ दिख रही है. वह यह है कि वहां की सरकार लगातार उनसे बातचीत कर रही है. सरकार उन्हें लगातार भरोसा दिला रही है और कह रही है, ‘जिन मांगों को पूरा किया जा सकता है, हम उन्हें जल्द से जल्द हल करेंगे. मुख्यमंत्री ने खुद कल भी इस बारे में बात की थी.”

उन्होंने कहा, “छात्रों और सरकार के बीच बातचीत चल रही है और हमें उम्मीद है कि कोई अप्रिय घटना नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने खुद कहा कि ये लोग हमारे दुश्मन नहीं हैं. ये हमारे देश के युवा हैं. उनकी बात सुनना और उनके दर्द को समझना हमारी जिम्मेदारी है. सरकारों को उनकी बातें सुननी पड़ेंगी.”

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर पत्थर और कीचड़ फेंके जाने की घटना पर भी प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “यह सब भाजपा द्वारा प्रायोजित था. अगर पुलिस और सुरक्षा आपके हाथ में है, तो यह कैसे हो सकता है कि प्रदर्शनकारी गाड़ियों पर पत्थर फेंक सकें और नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकें?”

प्रियंका ने हाल की अन्य घटनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, “हमने देखा कि अभिषेक बनर्जी के साथ क्या हुआ जब वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने गए थे और हमने देखा कि महुआ मोइत्रा पर अंडे फेंके गए. क्या कोई इसे भूल सकता है?”

उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार और पुलिस चाहे तो ऐसे हमलों को रोका जा सकता है. “अगर पुलिस और राज्य सरकार सच में ऐसे गतिरोध या विरोध प्रदर्शन को रोकना चाहती, तो उनके पास उन्हें रोकने का पूरा अधिकार और शक्ति है. वहां जो हो रहा है, वह आम जनता की तरफ से नहीं है. यह भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रायोजित और सुनियोजित हमला है. इसीलिए वहां की पुलिस आंखें मूंदे हुए है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. इस तरीके से किसी को चुप कराना और खास करके तीन बार वह मुख्यमंत्री रही हुई हैं, बिल्कुल सही नहीं है.”

एनसीपी (शरद पवार) के सांसदों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद लगाए जा रहे कयासों पर भी प्रियंका चतुर्वेदी ने सफाई दी. उन्होंने कहा, “एनसीपी के सभी सांसद कह रहे हैं. बार-बार सुप्रिया भी कह रही हैं कि वह प्रधानमंत्री से मिलकर महाराष्ट्र की समस्याओं के बारे में चर्चा कर रहे हैं. अपने-अपने क्षेत्र के मुद्दे रख रहे हैं.

उन्होंने कहा कि लोगों को इस पहल को सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए. हमें कयासों की बजाय उनके प्रयासों पर ध्यान देना चाहिए.

पीआईएम/वीसी