
नई दिल्ली, 14 जून . दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने 20 जून से सभी पुलिस स्टेशनों को निर्देश दिया है कि वे हर शनिवार को जन सुनवाई करें. इसका मकसद शिकायतों का समाधान करना और पुलिस के कामकाज व जन सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर मदद करना है. इस संबंध में एक अधिकारी ने रविवार को जानकारी दी.
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि लोगों तक पुलिस की पहुंच बढ़ाने और पुलिस सेवाओं को आसान बनाने के लिए हर पुलिस स्टेशन में हर शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ‘थाना दिवस-जन सुनवाई’ आयोजित की जाएगी.
दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा द्वारा जारी सर्कुलर में इस साप्ताहिक कार्यक्रम के लिए दिशानिर्देश दिए गए. इसमें कहा गया, “यह एक खुला जन सुनवाई मंच होगा, जहां आम लोग अपनी शिकायतें, सुझाव, मदद की गुहार या पुलिस के कामकाज और जन सुरक्षा से जुड़े मामले रख सकेंगे.”
इस साप्ताहिक अभियान का मकसद लोगों की शिकायतों के समाधान की एक व्यवस्थित प्रक्रिया बनाना, पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल और सभी स्तरों पर जवाबदेही बढ़ाना है.
लोक निवास के बयान में कहा गया है कि इस पहल के तहत एक खुला मंच बनाया जाएगा, ताकि शिकायतों का समाधान किया जा सके, सुझाव लिए जा सकें और स्थानीय जन सुरक्षा के मुद्दों को तेजी से सुलझाया जा सके.
बयान में कहा गया है कि उपराज्यपाल लोगों की शिकायतों को दूर करने और कानून लागू करने वाली एजेंसियों में समुदाय का भरोसा मजबूत करने के लिए जनता-केंद्रित, सुलभ और बातचीत पर आधारित पुलिसिंग को सबसे असरदार तरीका मानते रहे हैं.
पुलिस कमिश्नर गोलचा द्वारा जारी दिशानिर्देशों में कहा गया है कि प्रभावी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए, स्पेशल कमिश्नर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर स्तर के सभी पर्यवेक्षी अधिकारियों को बारी-बारी से जन सुनवाई में अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा. इसके लिए हर जिला एक शेड्यूल तैयार करेगा.
बयान के मुताबिक, “शिकायतों का तेजी से समाधान करने और शिकायत निवारण प्रणाली में जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी.”
कमिश्नर ने यह भी निर्देश दिया कि हर पुलिस स्टेशन जन सुनवाई के दौरान मिली शिकायतों को दर्ज करने के लिए तय फॉर्मेट के अनुसार एक अलग सूचना शीट बनाएगा.
समय पर कार्रवाई पर जोर देते हुए गोलचा ने कहा कि जिन शिकायतों में जांच, सत्यापन या जमीनी कार्रवाई की जरूरत हो, उन्हें तुरंत सौंपा जाए और उचित समय-सीमा के भीतर उनका निपटारा किया जाए.
उन्होंने कहा कि लंबित शिकायतों की समय पर निपटान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एसीपी और डीसीपी समय-समय पर समीक्षा करेंगे. पुलिस कमिश्नर ने सभी एसएचओ को यह भी निर्देश दिया कि वे ‘थाना दिवस-जन सुनवाई’ के दौरान बैठने की उचित व्यवस्था, सहायता डेस्क और नागरिकों के अनुकूल माहौल सुनिश्चित करें.
कमिश्नर ने सर्कुलर में कहा, “जन सुनवाई में आने वाले किसी भी शिकायतकर्ता की बात सुनी जाएगी, चाहे उनकी शिकायत ‘इंटीग्रेटेड कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम’ (आईसीएमएस) पर दर्ज हो या न हो. जन सुनवाई के दौरान मिली शिकायतों को स्वीकार किया जाएगा और बाद में आईसीएमएस पर अपलोड किया जाएगा.”
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एएसएच/डीकेपी