
पुडुचेरी, 29 मई . पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने शुक्रवार को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के शीर्ष अधिकारी आर सुधाकर के साथ नशा-विरोधी अभियान को और तेज करने के उपायों पर चर्चा की.
एनसीबी (दक्षिणी क्षेत्र) के उप महानिदेशक (डीडीजी) सुधाकर ने मुख्यमंत्री के साथ नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता फैलाने की योजना पर भी चर्चा की.
इस बैठक के बारे में जानकारी देते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने एक्स पर कहा कि एनसीबी (दक्षिणी क्षेत्र) के डीडीजी ने पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी से मुलाकात की. चर्चा का मुख्य केंद्र नारको-समन्वय केंद्र तंत्र को मजबूत करना, नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान को तेज करना और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में छात्रों के लिए लक्षित जागरूकता कार्यक्रम लागू करना था.
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि नशामुक्त भारत का लक्ष्य केवल नशीली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए एक कठोर दृष्टिकोण, मांग में कमी के लिए एक रणनीतिक दृष्टिकोण और नुकसान कम करने के लिए एक मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर ही हासिल किया जा सकता है.
एनसीओआरडी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो लोग नशीली दवाएं बनाते और बेचते हैं, उनके प्रति कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए, लेकिन जो लोग नशीली दवाओं का सेवन शुरू कर चुके हैं, उनके प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, यही केंद्र सरकार की स्पष्ट नीति है.
उन्होंने कहा कि हमें कमांड, अनुपालन और जवाबदेही को मजबूत करते हुए आगे बढ़ना चाहिए, महत्वपूर्ण यह नहीं है कि कितनी बैठकें हुईं, बल्कि परिणामों की समीक्षा और प्रभाव का आकलन करना अधिक महत्वपूर्ण है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नशीली दवाओं के व्यापार के सरगनाओं, वित्तपोषकों और लॉजिस्टिक्स मार्गों के खिलाफ की गई कड़ी कार्रवाई हमारी समीक्षा का मुख्य केंद्र होनी चाहिए.
उन्होंने एनसीबी के शीर्ष अधिकारियों से कहा कि हमारा लक्ष्य फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी का उपयोग सुनिश्चित करके और समय पर चार्जशीट दाखिल करके दोषसिद्धि दर को बढ़ाना होना चाहिए.
अपराधियों को मात देने के नए तरीकों का सुझाव देते हुए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि नशीली दवाओं के वितरण और भुगतान के तरीकों में भी बदलाव आया है, अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए हमें भी समय-समय पर अपनी रणनीतियों को अपडेट और अनुकूलित करते रहना चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नशीली दवाओं के खिलाफ चल रहे युद्ध पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2004 से 2013 के दौरान, 40,000 करोड़ रुपए मूल्य की 26 लाख किलोग्राम नशीली दवाएं जब्त की गईं, जबकि 2014 से 2025 तक, 1.71 लाख करोड़ रुपए मूल्य की 1 करोड़ 11 लाख किलोग्राम नशीली दवाएं जब्त की जा चुकी हैं. उन्होंने कहा कि सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ हमारा अभियान काफी उत्साहजनक रहा है.
उन्होंने कहा कि हमने नष्ट की गई ड्रग्स की मात्रा में भी 11 गुना बढ़ोतरी हासिल की है.
उन्होंने बताया कि 2020 में 10,770 एकड़ जमीन पर अफीम की फसल नष्ट की गई थी, और नवंबर 2025 तक 40,000 एकड़ जमीन पर फसलें नष्ट की जा चुकी हैं.
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डीकेएम/डीकेपी