
चंडीगढ़, 8 जुलाई . पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को योग्य मतदाताओं से ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की अपील की. उन्होंने कहा कि वोट देने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लगातार मिलता रहे, इसके लिए इसमें भागीदारी जरूरी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर फॉर्म जमा करने के बाद जिनका नाम नई मतदाता सूची में शामिल होगा, वे ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे.
लोगों को पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि जिस किसी को भी एसआईआर फॉर्म भरने में कठिनाई हो रही है, उसे स्थानीय आम आदमी पार्टी के स्वयंसेवकों से सहायता लेनी चाहिए.
लोगों को दिए संदेश में मान ने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता के लिए एसआईआर फॉर्म भरना बहुत जरूरी है ताकि उनका नाम नई मतदाता सूची में शामिल हो सके.
उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची में नाम नहीं होगा, तो वे वोट देने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग नहीं कर पाएंगे.
उन्होंने प्रत्येक पंजाबी से इस प्रक्रिया को समय पर पूरा करने और इस अमूल्य अधिकार की रक्षा करने का आग्रह किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना है और उन्होंने राज्य भर के लोगों से उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की.
उन्होंने इस प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक नागरिक को पूर्ण समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया.
मावन ध्यान सत्कार योजना की शुरुआत पर पंजाब की महिलाओं को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों से किया एक और बड़ा वादा पूरा किया है.
उन्होंने कहा कि 18 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिला लाभार्थियों को वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में जमा होने के बारे में उनके मोबाइल फोन पर सूचनाएं मिलनी शुरू हो गई हैं.
उन्होंने कहा कि पंजाब की प्रत्येक महिला को 1,000 रुपए प्रति माह मिल रहे हैं, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह मिल रहे हैं.
इस ऐतिहासिक पहल से पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ होने की उम्मीद है, जिसके लिए राज्य सरकार ने 9,300 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया है.
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एससीएच