
चंडीगढ़, 7 अगस्त . पंजाब के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि उन्हें नौकरी की तलाश में विदेश न जाना पड़े.
से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में युवाओं को नियमित रूप से सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं. सरकारी भर्ती एक निरंतर प्रक्रिया है. जैसे-जैसे कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं, उनकी जगह नई भर्तियां की जाती हैं और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. उन्होंने कर्मचारियों की महंगाई भत्ते की मांग पर कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पंजाब सरकार इस मामले में केंद्र सरकार से अधिक भुगतान कर रही है. साथ ही केंद्र सरकार भी इस विषय पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान केवल विरोध प्रदर्शन नहीं होता.
कनाडा सरकार द्वारा पंजाब के कुछ छात्रों के वीजा रद्द किए जाने के मामले पर मोहिंदर भगत ने कहा कि सरकार विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों, विशेषकर पंजाबी विद्यार्थियों, के साथ खड़ी है. किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले की उचित जांच करनी चाहिए. छात्रों द्वारा दाखिले और यात्रा पर बड़ी रकम खर्च करने के बाद अचानक वीजा रद्द करना या उन्हें वापस भेजना उचित नहीं है. राज्य सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी.
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि वह किसी अन्य राजनीतिक दल पर टिप्पणी करने के अधिकार में नहीं हैं, लेकिन उनकी नजर में कांग्रेस चुनाव से पहले ही हार मान चुकी प्रतीत होती है. यही कारण है कि पार्टी आंतरिक कलह में उलझी हुई है. यह कांग्रेस के हाईकमान का विषय है और उन्हें ही इसे संभालना होगा.
वहीं, पंजाब के मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने वर्ष 1992-93 में सर्वे कराया था और अब सरकार ने उससे संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर लिए हैं. उन्होंने बताया कि इन रिपोर्टों को पंजाब विधानसभा में पेश कर दिया गया है और इन्हें विपक्ष सहित सभी के साथ साझा किया जाएगा. रिपोर्ट में पोटाश संबंधी जानकारियां और इंडियन ऑयल के अधिकारियों के सुझाव भी शामिल हैं. उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को हल्के में ले रहा है. जब विपक्ष सत्ता में था तब वह इन रिपोर्टों पर कार्रवाई नहीं कर पाया, कम से कम अब इस मुद्दे को सामने लाने के लिए सरकार की सराहना करनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इसी तरह काम होना चाहिए, जहां महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाकर उन पर कार्रवाई की जाए. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी अपने हितों की रक्षा के लिए आंतरिक नाटक में व्यस्त है. विधानसभा के अंदर हो या बाहर, कांग्रेस के नेता जनता के मुद्दों की बजाय खुद को बचाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं.
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एएमटी/एबीएम