पंजाब पुलिस ने विदेश में बैठे हैंडलर्स से जुड़े गैंगस्टर मॉड्यूल का किया भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

चंडीगढ़, 21 जून . पंजाब पुलिस ने विदेश में बैठे हैंडलर्स से जुड़े एक गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है. इनके पास से विदेशी तीन अत्याधुनिक पिस्तौल और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है. यह जानकारी डीजीपी गौरव यादव ने एक्स पोस्ट के माध्यम से दी.

एक्स पर एक पोस्ट में पुलिस अधिकारी ने कहा कि स्टेट स्पेशल ऑपरेशन्स सेल (एसएसओसी) और जालंधर के काउंटर इंटेलिजेंस ने एक केंद्रीय एजेंसी के साथ मिलकर विदेश में बैठे हैंडलर्स से जुड़े एक गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. उन्होंने तीन गुर्गों को पकड़ा है और विदेशी मूल की 3 अत्याधुनिक पिस्तौलें व गोला-बारूद बरामद किया है. एसएसओसी पुलिस स्टेशन अमृतसर में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

डीजीपी ने आगे बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे उन गैंगस्टर्स के इशारे पर काम कर रहे थे, जो पंजाब में गैंग वॉर, रंगदारी और दूसरी गड़बड़ी फैलाने वाली गतिविधियों में शामिल हैं. उनके कहने पर ही आरोपी हथियारों की खेप पहुंचाते थे और आपराधिक वारदातों को अंजाम देते थे.

गिरफ्तार आरोपी अमृतसर में दर्ज हत्या के एक मामले और बटाला में हत्या की कोशिश के एक मामले से भी जुड़े हैं. आगे की जांच का मकसद पूरे नेटवर्क का पता लगाना, साथियों की पहचान करना, पुरानी आपराधिक गतिविधियों का खुलासा करना और विदेश में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर चल रहे संगठित अपराध गिरोह को खत्म करना है.

डीजीपी ने कहा कि पंजाब में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए संगठित अपराध, गैंगस्टर नेटवर्क और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है.

इसके पहले जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने जबरन वसूली और फायरिंग की घटनाओं में शामिल विदेश में बैठे हैंडलर्स से जुड़े एक गैंग के चार सदस्यों को पकड़ा था. इनके पास से तीन आधुनिक पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए हैं. पंजाब के डीजीपी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलर्स के कहने पर काम कर रहे थे और जालंधर व एसबीएस नगर जिलों में फायरिंग की कई घटनाओं की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल थे. इस संबंध में पुलिस स्टेशन भार्गव कैंप में एफआईआर दर्ज की गई है. इस नेटवर्क के पिछले और आगे के कनेक्शन का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य साथियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है.

ओपी/डीएससी