नई दिल्ली, 4 मई . भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बाएं हाथ की स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर तनुजा कंवर ने कहा है कि राधा यादव का 2026 महिला टी20 वर्ल्ड कप टीम में चयन एक बड़ा कमबैक है. उन्होंने बताया कि राधा को टीम में जगह उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी में हुए बड़े सुधार की वजह से मिली है.
राधा यादव ने आखिरी बार 2025 में इंग्लैंड दौरे पर टी20 मैच खेला था, जहां उन्होंने 6 विकेट लिए थे और भारत ने दोनों व्हाइट बॉल सीरीज जीती थीं. इसके बाद उन्हें 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम में भी शामिल किया गया. लेकिन टीम में कई बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज होने के कारण उन्हें श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में मौका नहीं मिला.
इसके बाद राधा ने महिला प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए शानदार प्रदर्शन किया. टीम के दूसरी बार खिताब जीतने में उनका योगदान रहा. उन्होंने 9 मैचों में 114 रन बनाए, जिसमें 66 रन की एक पारी भी शामिल थी, हालांकि उन्हें सिर्फ 2 विकेट मिले.
राधा ने भारत ‘ए’ टीम की कप्तानी करते हुए बैंकॉक में महिला एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट भी जिताया. इस दौरान उन्होंने 75 रन बनाए और गेंदबाजी में 5 रन प्रति ओवर की दर से 10 विकेट लिए.
सीनियर महिला इंटर जोनल मल्टी डे ट्रॉफी में वेस्ट जोन टीम उपविजेता रही, जिसमें राधा ने 4 पारियों में 224 रन बनाए. उनका सर्वोच्च स्कोर 108 रन रहा और उन्होंने 12 विकेट भी लिए. इस प्रदर्शन के दम पर वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में दूसरे स्थान पर रहीं.
सीम गेंदबाजी ऑलराउंडर अमनजोत कौर (पीठ की चोट) और कशवी गौतम (घुटने की चोट) के चोटिल होने के साथ-साथ राधा के अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें फिर से टी20 वर्ल्ड कप टीम और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की सीरीज में जगह दिलाई.
तनुजा कंवर ने एक इवेंट के दौरान से खास बातचीत में कहा कहा, “मुझे लगता है यह बहुत अच्छा है कि राधा का चयन टी20 वर्ल्ड कप के लिए हुआ. उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी में काफी सुधार हुआ है, इसलिए यह एक बड़ा कमबैक है. मुझे लगता है कि राइजिंग स्टार्स एशिया कप में उनकी कप्तानी भी बहुत अच्छी रही. उन्होंने मुश्किल हालात को बहुत अच्छे तरीके से संभाला.”
अब तनुजा का ध्यान भारत ‘ए’ टीम के इंग्लैंड दौरे की तैयारी पर है. इस दौरे में 20 जून से 4 जुलाई तक तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाएंगे. टी20 मैच नॉर्थहैम्पटन और चेल्म्सफोर्ड में 20 से 25 जून के बीच होंगे, जबकि वनडे मैच 28 जून से 4 जुलाई के बीच होव और टॉनटन में खेले जाएंगे.
तनुजा ने कहा कि बीसीसीआई द्वारा ‘शैडो टूर’ बढ़ाने से खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए बेहतर तैयारी का मौका मिल रहा है. उन्होंने बताया कि पहले भारत ‘ए’ महिला टीम को ज्यादा मैच नहीं मिलते थे, लेकिन अब लगातार मैच हो रहे हैं, जो खिलाड़ियों के लिए बहुत फायदेमंद है. भारत ‘ए’ टीम में खेलने से हमें बड़े खिलाड़ियों के साथ खेलने और मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिलता है. इससे खिलाड़ियों में परिपक्वता आती है और वे भारतीय टीम के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “हम पहली बार इंग्लैंड में खेलने जा रहे हैं. वहां की परिस्थितियां हमारे लिए नई होंगी. यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण जरूर होगा, लेकिन हम इसके लिए अच्छी तैयारी करेंगे.”
इस साल की शुरुआत में बैंकॉक में इंडिया ‘ए’ के ‘राइजिंग स्टार्स महिला एशिया कप’ जीतने के बारे में बात करते हुए तनुजा ने उस मानसिक मजबूती के बारे में बताया जो टीम ने अपने पहले मैच में यूएई से अप्रत्याशित हार के बाद दिखाई थी. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा एहसास था. हम इससे पहले ‘इमर्जिंग एशिया कप’ में चैंपियन रह चुके थे. लेकिन जब हम पहला मैच हारे, तो हम थोड़े निराश थे कि हम एक बहुत अच्छी टीम थे और हम एक मैच हार गए, लेकिन हमें बताया गया कि क्रिकेट में यह कोई बड़ी बात नहीं है. किसी दिन आप किसी टीम से हार सकते हैं, लेकिन हम हार के बाद कैसे वापसी करते हैं, यह बहुत ज़रूरी है. तो मुझे लगता है कि हमने वापसी करने के मामले में भी वही तरीका अपनाया और इसीलिए हमें ट्रॉफी मिली.”
विमेंस प्रीमियर लीग की बल्लेबाजों के लिए मददगार पिचों से बैंकॉक की धीमी पिचों पर ढलना टीम के लिए एक बड़ी चुनौती थी. तनुजा ने इस टूर्नामेंट में नौ विकेट लिए और उनके लिए सफलता की कुंजी अपनी गेंद की लेंथ को सही करना था. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि पिचें बहुत धीमी थीं, इसलिए हमें उसके हिसाब से खेलना पड़ा. हम विमेंस प्रीमियर लीग से आए थे, जहां पिचें बहुत अच्छी थीं. इसलिए, हालात को समझने और उनके हिसाब से ढलने में हमें थोड़ा समय लगा. लेकिन बाद में हमने हालात के हिसाब से खुद को सही तरीके से ढाला. तो यह एक बहुत बड़ी बात थी.”
एक ऑलराउंडर के तौर पर तनुजा व्हाइट-बॉल क्रिकेट में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए ‘अभ्यास को सबसे पहले’ रखने के सिद्धांत पर चलती हैं. उन्होंने कहा, “हम अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं और पहले अभ्यास सत्र में ही खूब मेहनत करते हैं. हम जितना हो सके, उतनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी करने की कोशिश करते हैं. इसलिए, जब हम अभ्यास सत्रों में अपना सौ प्रतिशत देते हैं, तो मैचों में हमारे लिए चीजें आसान हो जाती हैं.”
हालांकि इंग्लैंड में इंडिया ‘ए’ का शेड्यूल काफी व्यस्त है, फिर भी लॉर्ड्स में होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच (जो 10 से 13 जुलाई तक खेला जाएगा) को देखने की चाहत तनुजा पूरी करना चाहती हैं. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इंग्लैंड के बारे में सबसे रोमांचक बात यह है कि हर कोई लॉर्ड्स में खेलना चाहता है. हालांकि वहां हमारा कोई मैच नहीं है, फिर भी लॉर्ड्स में खेलने का हमारा एक सपना जरूर है. हां, अगर हमें मौका मिला तो हम लॉर्ड्स में टेस्ट मैच देखने जरूर जाएंगे.”
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