
रांची, 5 सितंबर . केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और झारखंड सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को झारखंड के ‘छात्रों की गूंज’ नहीं सुनाई दे रही है. यहां पर छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया गया है. राहुल गांधी हिम्मत दिखाएं और यहां के ‘छात्रों की गूंज’ को सुनें.
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने झारखंड में छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के खिलाफ 8-11 सितंबर तक भाजपा के नियोजित विरोध पर प्रतिक्रिया दी.
संजय सेठ ने से बातचीत के दौरान कहा, “सीबीआई जांच होनी चाहिए. हमें सीआईडी पर भरोसा नहीं है क्योंकि सीआईडी पहले दिन से ही सच सामने लाने के बजाय इस पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश कर रही है.”
छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर झारखंड में भाजपा के बड़े विरोध प्रदर्शन पर केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ कहते हैं, “यह राहुल गांधी का दोहरा रवैया है. यह झारखंड सरकार और हेमंत सोरेन का दोहरा रवैया है. यह इंडी गठबंधन का दोहरा रवैया है. देशभर में छात्रों के खिलाफ एफआईआर वापस ले ली गईं. झारखंड में ऐसा क्यों नहीं हुआ? झारखंड के छात्रों ने क्या अपराध किया है? छात्र दो महीने से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दो महीने से वे सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. क्यों? यहां कोई पारदर्शी प्रक्रिया नहीं है. छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया गया है.”
उन्होंने से बातचीत के दौरान कहा कि डीएसपी बनो, डेढ करोड़ दे दो. इंजीनियर बनो, 80 लाख दे दो. इस तरह का कारनामा दुनिया में न किसी ने देखा और न ही सुना होगा. यहां बोली लगाकर छात्रों के भविष्य को बेचा जा रहा है. ‘झारखंड की गूंज’ राहुल गांधी को सुनाई नहीं दे रही है. क्या यहां के छात्रों का यही अपराध था कि देश विरोधी नारे नहीं लगाए? क्या यही अपराध था कि मुर्दाबाद का नारा नहीं लगाया गया? उनका अपराध यही था कि संस्कार के साथ अपनी आवाज को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे. छात्रों ने बिना किसी राजनीतिक सहयोग से दो माह तक आंदोलन चलाया.
उन्होंने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि आपका चाल-चरित्र और चेहरे को देखते हुए देश कहता है कि धोखेबाज हो. हिम्मत है तो रांची आओ और यहां के छात्रों की गूंज सुनो. यहां के छात्रों पर दर्ज मुकादमा वापस लेना ही होगा और सीबीआई जांच करानी होगी.
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एएसएच/एबीएम