बालाघाट पहुंचने से पहले घिरे राहुल गांधी, डिप्टी सीएम बोले- आदिवासी त्रासदी पर हो रही राजनीति

भोपाल, 30 सितंबर . मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित बालाघाट दौरे से पहले कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने राहुल गांधी पर आदिवासी बच्चों की मौत के मामले से राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

उपमुख्यमंत्री शुक्ला ने राज्य सरकार की ओर से आदिवासी बहुल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उठाए गए कदमों का बचाव करते हुए कहा, “राहुल गांधी इतने दिनों बाद आ रहे हैं. यह सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाने और अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश है.”

राहुल गांधी का गुरुवार को बालाघाट जाने का कार्यक्रम है. यहां वह बैहर-बिरसा इलाके के गांवों में जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे. इन इलाकों में कुपोषण, संक्रामक बीमारियों और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पर्याप्त पहुंच नहीं होने को लेकर चिंता जताई गई है.

इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश में राजनीतिक विवाद उस समय बढ़ गया था, जब राहुल गांधी ने 17 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत हुई है. उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं, पोषण, स्वच्छ पेयजल और बीमारियों की रोकथाम को लेकर सवाल उठाए थे.

इसके बाद कांग्रेस ने बच्चों की मौत को लेकर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की मांग की थी.

प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने बालाघाट में ‘न्याय यात्रा’ भी निकाली थी. कांग्रेस नेताओं ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की.

स्वास्थ्य संबंधी आकलन के मुताबिक, बैगा और गोंड आदिवासी समुदायों के बच्चों की मौतों को किसी एक बीमारी या कारण से नहीं जोड़ा गया है. इन मामलों में खसरा, मलेरिया, सांस लेने में परेशानी, डिहाइड्रेशन, कुपोषण, एनीमिया और शॉक जैसी कई स्वास्थ्य समस्याएं सामने आई हैं.

इस मामले को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार से जवाब और संबंधित दस्तावेज मांगे हैं.

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं. सरकार का ध्यान प्राथमिक स्तर पर ही मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने पर है.

उन्होंने कहा, “हमारा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि लोगों को प्राथमिक स्तर पर ही इलाज मिल जाए और केवल गंभीर मामलों को जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजने की जरूरत पड़े.”

राज्य सरकार ने बालाघाट में 67 नए मेडिकल अधिकारियों की तैनाती की है. स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 2 करोड़ रुपए की मंजूरी भी दी गई है.

इसके अलावा दो नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक उप-स्वास्थ्य केंद्र और दो मोबाइल मेडिकल यूनिट स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं.

उपमुख्यमंत्री शुक्ला ने बताया कि दूरदराज के क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने के लिए 3,100 से ज्यादा डॉक्टरों की तैनाती की गई है और इनमें से 2,600 से अधिक डॉक्टरों ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली है.

उन्होंने कहा कि कुपोषण से निपटने और दूरदराज के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर करने के लिए आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं.

राहुल गांधी गुरुवार को बैहर-बिरसा क्षेत्र के प्रभावित गांवों का दौरा कर मृत बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर सकते हैं.

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एएमटी/एमएस