
रांची, 17 अगस्त . लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य में चल रहे छात्र आंदोलन के समाधान के लिए उनसे व्यक्तिगत रूप से आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से मिलने का आग्रह किया है. राहुल गांधी ने कहा है कि मुख्यमंत्री की छात्रों से सीधी बातचीत से लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी.
14 अगस्त को लिखे गए इस पत्र को रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा ने रविवार देर शाम को मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर हेमंत सोरेन को सौंपा. सोमवार को यह पत्र सार्वजनिक हुआ. राहुल गांधी ने पत्र में कहा है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना भारतीय संविधान में दिया गया अधिकार है और लोकतंत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है.
राहुल गांधी ने झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि सरकार को उनकी बात संवेदनशीलता के साथ सुननी चाहिए. उन्होंने झारखंड सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर बातचीत के लिए समिति गठित करने और संवाद की प्रक्रिया शुरू करने की भी सराहना की.
राहुल गांधी के अनुसार, बातचीत के दौरान कई मांगों पर सहमति बनी है, लेकिन इसके बावजूद कुछ छात्र अब भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. ऐसे में पूरे मामले का जल्द समाधान किया जाना जरूरी है. राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह स्वयं आंदोलन स्थल पर जाकर या छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से व्यक्तिगत मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनें.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सीधी पहल से छात्रों में भरोसा पैदा होगा और बाकी बचे मुद्दों को सुलझाने में मदद मिलेगी. पत्र में राहुल गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर आरएसएस और भाजपा का प्रभाव बढ़ गया है और इसका इस्तेमाल छात्रों के दमन के लिए किया जा रहा है.
राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवा ही भारत का भविष्य हैं और मौजूदा संकट के समय उनके साथ एकजुटता दिखाना जरूरी है. झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्र पिछले 24 दिनों से रांची में आंदोलन कर रहे हैं.
आंदोलनकारी जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. इस बीच, राज्य सरकार ने सोमवार को आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को अपराह्न 2 बजे एक बार फिर वार्ता के लिए बुलाया है.
इससे पहले सरकार और छात्रों के बीच हुई वार्ताओं में परीक्षा सुधार से जुड़ी कई मांगों पर सहमति बनी थी. सरकार 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और बैकलॉग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की घोषणा भी कर चुकी है.
हालांकि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग पर अब तक गतिरोध बना हुआ है. ऐसे में राहुल गांधी का मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से छात्रों से मिलने का आग्रह सोमवार को होने वाली वार्ता के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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एसएनसी/वीसी