एसआईआर पर राहुल गांधी की चेतावनी सही निकली, ज्ञानेश कुमार पर एक्शन हो: अशोक गहलोत

जयपुर, 24 सितंबर . राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर जुबानी हमला किया. उन्होंने एसआईआर को लेकर राहुल गांधी की ओर से पहले उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. वहीं, राजस्थान में हुए हालिया चुनाव के दौरान पुलिस और प्रशासन के कथित इस्तेमाल को लेकर मुख्यमंत्री के बयान पर भी सवाल खड़े किए.

अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी करीब एक साल पहले से चुनाव में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं. उन्होंने एसआईआर को लेकर राहुल गांधी की ओर से किए गए प्रस्तुतियों और उनकी आलोचना का भी जिक्र किया. पूर्व सीएम ने दावा किया कि अब चुनाव आयोग के दो सदस्यों की ओर से भी कई बार आपत्ति जताए जाने की बात सामने आई है. आयोग के इन सदस्यों ने 14 बार गलत काम होने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी, इसके बावजूद प्रक्रिया जारी रही.

उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. गहलोत ने ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने और उनके इस्तीफे की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि देश में जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, उससे लोकतंत्र और देश की जम्हूरियत के सामने बड़ा खतरा पैदा हो गया है. उन्होंने युवाओं के भी इन मुद्दों पर आगे आने का जिक्र किया.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के उस बयान पर कि चुनाव के दौरान पुलिस का इस्तेमाल नहीं हुआ, गहलोत ने कहा कि अगर ऐसा है तो जिन लोगों ने कथित तौर पर पुलिस के इस्तेमाल का सामना किया, वे मुख्यमंत्री के बयान को किस तरह देखेंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान में चुनाव के दौरान लोगों को उठाने, मुकदमे दर्ज करने और धमकियां देने जैसी घटनाएं हुईं. कुछ पुलिस अधिकारियों ने दबाव में काम किया.

उन्होंने कहा कि नीचे के स्तर के कुछ अधिकारी कथित तौर पर संदेश दे रहे थे कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के कारण कार्रवाई करने के लिए मजबूर हैं. गहलोत ने पुलिस महानिदेशक के छुट्टी पर जाने को लेकर भी सवाल उठाया, हालांकि उन्होंने साफ किया कि उन्हें इसके कारण की जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए था कि उन्होंने चुनाव से पहले कलेक्टरों और एसपी से चुनाव को लेकर कोई बातचीत नहीं की थी. मुख्यमंत्री की ओर से ऐसा स्पष्ट खंडन नहीं किया गया.

उन्होंने कहा कि यदि पुलिस के इस्तेमाल से जुड़ी शिकायतें गलत हैं तो मुख्यमंत्री को अधिकारियों के साथ ऐसी किसी बातचीत से साफ इनकार करना चाहिए था. जनता सही समय आने पर इसका जवाब देगी. भरतपुर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां 65 सीटों में भाजपा को 20 सीटें मिलीं. कांग्रेस समर्थित और निर्दलीय उम्मीदवारों पर कथित तौर पर दबाव बनाया गया. एक निर्दलीय उम्मीदवार को कथित धमकियों के कारण चुनाव से हटना पड़ा और इसके बाद भाजपा को फायदा हुआ.

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पीएसके