
नोएडा, 28 जुलाई . मंगलवार को हुई बारिश ने जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत दी, वहीं शहर के कई हिस्सों में जलभराव ने नगर व्यवस्था की पोल खोल दी. सुबह से रुक-रुक कर शुरू हुई बारिश करीब डेढ़ घंटे तक लगातार होती रही. तेज हवाओं और बारिश के कारण मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया, लेकिन कई प्रमुख सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
कई स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया, जबकि कुछ इलाकों में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया. बारिश के बाद बरौला, सफराबाद, सेक्टर-75, सेक्टर-74, सेक्टर-19, सेक्टर-20 और निठारी सहित कई क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर स्थिति देखने को मिली. बरौला गांव में लंबे समय से चली आ रही जल निकासी की समस्या एक बार फिर सामने आ गई.
सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को घंटों तक जूझना पड़ा. वहीं सेक्टर-27 में कई मकानों में पानी घुसने की सूचना भी सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों को काफी नुकसान और असुविधा का सामना करना पड़ा. बारिश का असर नोएडा की प्रमुख डीएससी रोड पर भी दिखाई दिया, जहां सेंट्रल वर्ज की करीब 50 मीटर लंबी दीवार भरभराकर गिर गई.
जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण सेंट्रल वर्ज में पानी भर गया और तेज बहाव बनने से दीवार क्षतिग्रस्त हो गई. हालांकि राहत की बात यह रही कि इसी स्थान पर मौजूद मेट्रो पिलर पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ा. प्राधिकरण ने तत्काल मलबा हटवाकर यातायात को सामान्य रूप से संचालित कराया.
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज से अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी रहेगी. मंगलवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मौसम विभाग का अनुमान है कि दोपहर बाद तेज बारिश होने पर तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आ सकती है. बारिश से उत्पन्न जलभराव की स्थिति को लेकर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश ने कड़ा रुख अपनाया है.
विशेष रूप से ग्राम बरौला में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या और मंगलवार को सामने आई स्थिति पर उन्होंने गहरा रोष व्यक्त किया. जल निकासी व्यवस्था में लापरवाही और विकास कार्यों में शिथिलता को गंभीर मानते हुए उन्होंने तत्काल दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए.
मुख्य कार्यपालक अधिकारी के आदेश पर जूनियर इंजीनियर (जेई) पार्थ राठौड़ तथा सुपरवाइजर मांगेराम की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं. वहीं प्रबंधक करण सिंह त्यागी (सिविल) और रमेन्द्र (जल एवं सीवर) को जलभराव की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रख पाने के कारण प्रतिकूल प्रविष्टि (एडवर्स एंट्री) दी गई है.
इसके साथ ही सीईओ ने प्राधिकरण के सभी वर्क सर्किल के अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी क्षेत्र में जलभराव अथवा अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ इससे भी अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की प्राथमिकता शहरवासियों को जलभराव से राहत दिलाना और विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है.
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पीकेटी/एएसएच