राजस्थान: सांसद मन्नालाल रावत भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त

जयपुर, 17 अगस्त . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की नई घोषित राष्ट्रीय टीम में राजस्थान के चार प्रमुख नेताओं को संगठन से जुड़ी अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं.

उदयपुर लोकसभा सांसद मन्नालाल रावत को भाजपा अनुसूचित जनजाति (एसटी) मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया और वरिष्ठ नेता राजेश मंगल भी शामिल हैं, जिन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं.

उदयपुर से भाजपा सांसद रावत ने 2024 का लोकसभा चुनाव 2,61,608 वोटों के अंतर से जीता था. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार और उदयपुर के पूर्व जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा को हराया था. संसद में कदम रखते ही उन्होंने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा, जब उन्होंने संस्कृत में शपथ ली, ऐसा करने वाले वे राजस्थान के पहले आदिवासी सांसद बने.

रावत ने चुनावी राजनीति में आने से पहले जयपुर में परिवहन विभाग में अतिरिक्त आयुक्त के तौर पर राजस्थान सरकार में सेवा की थी. उदयपुर से भाजपा उम्मीदवार घोषित होने के बाद उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था.

रावत दक्षिणी राजस्थान के धारियावाड़ इलाके के चिकलाड गांव के एक किसान परिवार से आते हैं. उन्होंने मुश्किल हालात के बावजूद अपनी पढ़ाई पूरी की और उनके पास बीएससी, एमए और पीएचडी की डिग्रियां हैं. सरकारी सेवा, शिक्षा और आदिवासी मामलों में उनके अनुभव को देखते हुए ही भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के एसटी मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी है.

भाजपा के नए राष्ट्रीय संगठनात्मक ढांचे में राजस्थान को अच्छी-खासी हिस्सेदारी मिली है. वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महासचिव, राजेश मंगल को राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष और रावत को एसटी मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

इन नियुक्तियों ने जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा समेत पूरे राजस्थान में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच काफी दिलचस्पी पैदा की है. उम्मीद है कि संगठन की ये नई जिम्मेदारियां आने वाले चुनावों और भाजपा के व्यापक संगठनात्मक विस्तार से पहले राज्य के राजनीतिक समीकरण पर असर डालेंगी.

एएसएच/डीकेपी