नोएडा में यमुना मार्जिनल बंध पर बनी सड़क की होगी मरम्मत, 34.18 करोड़ रुपए मंजूर

नोएडा, 28 अप्रैल . नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा प्राधिकरण) ने शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल यमुना मार्जिनल बंध पर बनी चार लेन सड़क के सुधार और मरम्मत कार्य के लिए बड़ी पहल की है. प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए 3418.13 लाख रुपए (करीब 34.18 करोड़ रुपये) की धनराशि स्वीकृत कर दी है. यह कार्य मई माह से शुरू होने की संभावना है.

जानकारी के अनुसार, नोएडा क्षेत्र में यमुना नदी पर स्थित ओखला बैराज के डाउनस्ट्रीम में बाएं किनारे पर यमुना मार्जिनल बंध का निर्माण किया गया है. यह बंध ग्राम असगरपुर, रायपुर, नगला नगली, नगला बाजिदपुर और नोएडा के विभिन्न रिहायशी सेक्टरों को यमुना में आने वाली बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करता है.

इसी बंध पर शुरुआत से लेकर 11.200 किलोमीटर तक चार लेन सड़क का निर्माण वर्ष 2014 में सिंचाई विभाग द्वारा नोएडा प्राधिकरण के वित्त पोषण से कराया गया था. करीब 12 वर्ष बीत जाने के बाद अब इस सड़क की स्थिति काफी खराब हो गई है. भारी यातायात दबाव और अत्यधिक वर्षा के कारण मुख्य मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं. इसके अलावा सिटी साइड लेन में गेबियन बॉक्स से लीकेज और ड्रेनेज पाइपों के चोक होने के कारण भी सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है.

इन समस्याओं के चलते स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है. प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत मरम्मत कार्य के तहत सड़क के विभिन्न हिस्सों का व्यापक सुधार किया जाएगा. इसमें क्रैश बैरियर की मरम्मत, आरसीसी ड्रेन सिस्टम का पुनर्निर्माण, गेबियन ग्राउटिंग, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना, और जीएसबी और डीबीएम लेयर की मरम्मत शामिल है.

साथ ही पूरी सड़क की लंबाई में बीसी (बिटुमिनस कंक्रीट) की नई परत बिछाई जाएगी और रोड मार्किंग/पेंटिंग का कार्य भी किया जाएगा.

अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने के बाद बंध से लगे गांवों और नोएडा के सेक्टरों के निवासियों को एक बेहतर और सुगम वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा. इससे यात्रा का समय कम होगा और ईंधन की भी बचत होगी. साथ ही सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार आने से दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी. यह कार्य सिंचाई विभाग द्वारा एमओयू के माध्यम से कराया जाएगा.

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि लंबे समय से खराब पड़ी इस सड़क के सुधरने से उनकी दैनिक आवाजाही में काफी राहत मिलेगी.

पीकेटी/डीकेपी