
भरतपुर, 1 जुलाई . देशभर के रेस्टोरेंट संचालकों ने बुधवार को पीएम मोदी का आभार जताया. केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है. इस कटौती से रेस्टोरेंट संचालक काफी खुश हैं. संचालकों का कहना है कि इससे बाजारों में रौनक लौटेगी.
सरकारी तेल वितरक कंपनियों की ओर से बुधवार को कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में कमी की गई है. इससे राष्ट्रीय राजधानी में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का दाम 183.50 रुपए घटकर 2,930 रुपए हो गया है, जो कि पहले 3,113.50 रुपए था.
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में हुई कटौती के बाद, देशभर के विभिन्न राज्यों-शहरों से रेस्टोरेंट संचालकों ने सरकार के फैसला का स्वागत किया.
राजस्थान के रेस्टोरेंट और ढाबा मालिकों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में की गई कटौती का स्वागत किया है. उनका कहना है कि इससे व्यवसाय का खर्च कम होगा और छोटे-मोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी.
रेस्टोरेंट संचालक ज्ञानदीप सोलंकी ने कहा कि दाम बढ़ने के कारण पहले गैस रेस्टोरेंटों पर उपलब्ध नहीं हो पाती थी. सरकार की यह अच्छी पहल है. युद्ध जैसे हालात में दाम बढ़ाए गए थे. रेस्टोरेंट संचालकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ गया था. अब काफी हद तक राहत मिली है. हम उम्मीद करते हैं कि सरकार आगे भी जनहित में ऐसे सराहनीय कदम उठाती रहेगी.
जीतेंद्र सिंह ने कहा कि गैस के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट संचालकों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी. अब 183 रुपए प्रति सिलेंडर की कमी से राहत मिली है. पहले गैस की किल्लत हो गई थी, लेकिन अब समय पर आपूर्ति हो रही है. सरकार ने अच्छा काम किया है. इससे हम ग्राहकों को बेहतर सुविधा दे पा रहे हैं.
वीरेंद्र ने कहा कि अच्छा हुआ कि गैस सिलेंडर के दाम कम हुए. गैस की किल्लत के दौरान हमने लकड़ी पर काम किया. ग्राहक बढ़े हुए दाम सुनकर भाग जाते थे. अब गैस सस्ती हुई है तो हम भी अपने उत्पादों पर दाम घटाएंगे, जिससे बाजार में रौनक आएगी.
धर्मशाला के एक रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि हम सरकार का धन्यवाद करते हैं कि गैस की कीमत कम हुई. बढ़ी हुई कीमतों से काफी परेशानी हो रही थी. रेस्टोरेंट में खाने-पीने की चीजें महंगी होने के कारण ग्राहक भी दूरी बनाते थे, लेकिन गैस की कटौती के बाद जब हम लोग भी दाम कम करेंगे, तो लोग ज्यादा से ज्यादा संख्या में आएंगे. हम उम्मीद करते हैं कि सरकार हमें उसी रेट पर गैस भी मुहैया कराएगी, जो पहले था.
–
डीकेएम/डीकेपी