
कोलकाता, 30 जून . तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबति लीडर रिजु दत्ता ने टीएमसी बैंक अकाउंट, यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) और प्रिवेंशन डिटेंशन एक्ट से जुड़े हाईकोर्ट के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की.
रिजु दत्ता ने से बातचीत के दौरान कहा कि टीएमसी के बैंक अकाउंट को लेकर तमाशा चल रहा है. तीन बैंक अकाउंट एचडीएफसी के सेंट्रल प्लाजा बैंक अकाउंट में है, जिसमें करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपए फ्रीज हो गया है. यह अब पुलिस कार्रवाई में चल रहा है.
उन्होंने कहा कि कालीघाट टीएमसी हाईकोर्ट बार-बार यह बोलने के लिए जा रहे हैं कि हमारा पैसा अनफ्रीज कर दें. कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा कि अभी जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है. आप (टीएमसी) रेगुलर सिस्टम में आइए, हम देखेंगे. उन्होंने कहा कि यह पैसा किसका है, कहां से आया है और इस पर किसका अधिकार है, कालीघाट टीएमसी या ऋतब्रत टीएमसी का,इसको पुलिस या प्रशासन तय करेगा. इस मामले में टीएमसी जल्दबाजी में क्यों है,यह समझ से परे है.
रिजु दत्ता ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि विधानसभा में यूसीसी बिल लागू किया जाएगा. मैं इस फैसले का व्यक्तिगत तौर पर समर्थन करता हूं. क्योंकि संविधान के आर्टिकल-25 में कहा गया है कि हर व्यक्ति को अपने धर्म के पालन करने का अधिकार है. इस बिल का धर्म के साथ कोई संबंध नहीं है. दूसरी बात, हमारा देश एक और एक तिरंगा है. देश किसी धर्म की किताब से नहीं चलता है,यह भारत के संविधान से चलता है. ऐसे में सिविल कानून भी सबके लिए एक होना चाहिए. इसमें कोई गलत बात नहीं है. यह भाजपा के घोषणा पत्र में था तो यह बिल लाना कोई आश्चर्य की बात नहीं है.
उन्होंने कहा कि इस बिल का विरोध करने वाले धर्म को लाकर अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं. यूसीसी बिल से किसी के धर्म में कोई पाबंदी नहीं लगने वाली है. यह बिल हर धर्म के व्यक्ति को केवल एक कानून में लाने की कोशिश कर रहा है. यह बिल सही है और इसका विरोध नहीं करना चाहिए.
रिजु दत्ता ने प्रिवेंशन डिटेंशन एक्ट का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बहुत सारे मॉडर्न कल्चर चल रहे थे और चारो तरफ गंडई और बाहुबली कल्चर था. जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश और बिहार से बाहुबली कल्चर-गुंडई खत्म हुआ, बंगाल में भी खत्म होना चाहिए. कानून के ऊपर कोई नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि पहले हमारे मन में यह सवाल था कि शायद इस बिल का राजनीतिकरण होगा और विपक्ष के खिलाफ इस्तेमाल किया जाएगा. लेकिन सीएम ने इस बात का स्पष्ट शब्दों में खुलासा कर दिया कि इस बिल का राजनीतिकरण नहीं किया जाएगा. मैं इस बिल को लाने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करता हूं.
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एएसएच/पीएम