रोनाल्डो ने हार के साथ वर्ल्ड कप को दी विदाई, कहा- अपना बेस्ट दिया, कोई पछतावा नहीं

नई दिल्ली, 7 जुलाई . क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने साफ कर दिया है कि उनका फीफा विश्व कप का सफर अब खत्म हो गया है. उन्होंने पुष्टि की कि स्पेन के खिलाफ राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल की हार के साथ उन्होंने अपना आखिरी विश्व कप खेल लिया है. अब वह सातवें विश्व कप में नहीं खेलेंगे.

41 वर्षीय रोनाल्डो ने अपने विश्व कप करियर में कुल 27 मैच खेले. इस मामले में उनसे आगे केवल अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी हैं, जिन्होंने 30 विश्व कप मैच खेले हैं. हालांकि, रोनाल्डो अपने शानदार करियर में विश्व कप ट्रॉफी जीतने का सपना पूरा नहीं कर सके.

उन्होंने विश्व कप में 27 मैचों में 11 गोल किए और कई बड़े रिकॉर्ड भी बनाए. वह विश्व कप के छह अलग-अलग संस्करणों में गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने. इस विश्व कप में उन्होंने तीन गोल किए. इनमें उज्बेकिस्तान के खिलाफ पुर्तगाल की 5-0 की जीत में दो गोल शामिल थे. साथ ही उन्होंने पहली बार विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में भी गोल किया. क्रोएशिया के खिलाफ पेनल्टी पर किया गया उनका यह गोल पुर्तगाल को अंतिम-16 तक ले गया.

मैच के बाद स्पोर्ट टीवी से बातचीत में रोनाल्डो ने कहा, “मैं ठीक हूं. दुख सिर्फ इस बात का है कि हमारा विश्व कप इस तरह खत्म हुआ. लेकिन जैसा मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, मैंने अपना पूरा दम लगाया और मुझे इस बात का कोई पछतावा नहीं है.”

उन्होंने आगे कहा, “एक फुटबॉलर की जिंदगी ऐसी ही होती है. कभी जीत मिलती है तो कभी हार. हमें आगे बढ़ते रहना होता है. यह मेरा आखिरी विश्व कप था. अब मैं अपने परिवार के साथ समय बिताऊंगा और जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लूंगा.”

रोनाल्डो ने पहली बार 2006 के जर्मनी विश्व कप में हिस्सा लिया था. उस टूर्नामेंट में उन्होंने ईरान के खिलाफ अपना पहला विश्व कप गोल किया और पुर्तगाल को 40 साल बाद सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. इसके बाद उन्होंने 2010 (दक्षिण अफ्रीका), 2014 (ब्राजील), 2018 (रूस) और 2022 (कतर) के विश्व कप में भी खेला और हर संस्करण में कम से कम एक गोल किया.

रोनाल्डो ने कहा, “मैं कल सुबह भी बिना किसी पछतावे के उठूंगा. मैंने पुर्तगाल के लिए तीन बड़े खिताब जीते हैं (एक यूरोपीय चैम्पियनशिप और दो यूईएफए नेशंस लीग). मेरे आने से पहले पुर्तगाल ने कभी कोई बड़ा खिताब नहीं जीता था. इसलिए मुझे अपने करियर पर गर्व है. मैंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ दिया. अब एक नया दिन होगा और जिंदगी आगे बढ़ेगी.”

रोनाल्डो ने 2016 में पुर्तगाल को यूरोपीय चैम्पियनशिप जिताने में अहम भूमिका निभाई. इसके अलावा उनकी टीम ने दो बार यूईएफए नेशंस लीग का खिताब भी जीता. हालांकि, विश्व कप ट्रॉफी उनके करियर की सबसे बड़ी अधूरी ख्वाहिश बनकर रह गई. विश्व कप में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2006 में रहा, जब अपने पहले ही टूर्नामेंट में वह पुर्तगाल को सेमीफाइनल तक ले गए थे.

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