सिस्टम की विफलता की वजह से रौशन आनंद के भाई की जान गई : पप्पू यादव

पूर्णिया, 15 जून . बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव रविवार को प्रख्यात शिक्षक रौशन आनंद के आवास पहुंचे और उनके भाई प्रिंस के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें इस कठिन समय में ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया. रौशन आनंद के भाई प्रिंस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है, जिसके बाद परिवार गहरे सदमे में है.

पप्पू यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह आत्महत्या नहीं है. इसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, जिसकी बाकायदा जांच होनी चाहिए. इसके बाद ही हम किसी नतीजे पर पहुंच सकेंगे. कुल मिलाकर यह कहा सकता है कि सिस्टम की विफलता की वजह से रौशन आनंद के भाई प्रिंस को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. अभी आप ऐसा नहीं कह सकते हैं कि उन्हें दवाई दी जाती थी या वो बीमार रहते थे.

उन्होंने रौशन आनंद के जेल जाने को लेकर भी सवाल उठाए. उनके मुताबिक, रौशन आनंद कोई अपराधी नहीं थे, जिन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया गया. वो एक प्रख्यात अध्यापक हैं, जो मूल रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड सरीखे राज्यों में विख्यात हैं. इसके बावजूद उन्हें साजिशन फंसाने की कोशिश की गई. इसी तरह खान सर के मामले को भी उछाला गया. वो वैश्विक स्तर पर मशहूर हो चुके हैं, जिन्होंने कई बच्चों को शिक्षित करने का काम किया.

पप्पू यादव ने रौशन आनंद की ओर से खान सर पर लगाए गए आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है. मैं ऐसा बिल्कुल भी नहीं मानता हूं कि कोई शिक्षक किसी की हत्या करवाएगा. वैसे एजुकेशन माफिया, मेडिकल माफिया और जमीन माफिया से जुड़े लोग कुछ भी करवा सकते हैं. इसी कड़ी में आज मैंने जमीन माफिया से भी जुड़े मुद्दे को उठाने का काम किया.

उन्होंने कहा कि जमीन माफिया के कारण पूर्णिया और आसपास के इलाकों की पूरी स्थिति खराब हो रही है. आज मैंने सरकारी जमीन का भी मुद्दा उठाया. सरकारी जमीन की रजिस्ट्र क्यों हो रही है. तीन महीने से ज्यादा का समय जमाबंदी कराने में क्यों लग रहा है. मैंने इन मुद्दों को उठाने का काम किया.

पप्पू यादव ने कहा कि मैं इन तमाम बिंदुओं के बीच यही कहना चाहूंगा कि सिस्टम की विफलता की वजह से आज रौशन आनंद के भाई हमारे बीच नहीं रहे. सरकार ने गलत मंशा के साथ उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक किया है, जो रौशन के साथ नहीं होना चाहिए.

एसएचके/वीसी