
तिरुवनंतपुरम, 11 जुलाई . इस साल नवंबर से शुरू होने वाले सबरीमाला तीर्थयात्रा से पहले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है. सबरीमाला मंदिर के नामित वंशानुगत मुख्य पुजारी (तंत्री) कंदरारु राजीवरु ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इस वर्ष पदभार ग्रहण करने से इनकार कर दिया है.
राजीवरु ने शनिवार को त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से इस वर्ष उन्हें तंत्री नियुक्त न किया जाए. उन्होंने अपने स्थान पर अपने बेटे को नियुक्त करने पर विचार करने की भी अपील की है.
त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड अब इस अनुरोध की समीक्षा करेगा, जिसके बाद नियुक्ति पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
सबरीमाला मंदिर में तंत्री का पद वंशानुगत है और यह अधिकार विशेष रूप से थझामोन मडोम परिवार के पास है. कई पीढ़ियों से यही परिवार मंदिर के तांत्रिक अनुष्ठानों का संचालन करता आ रहा है. परंपरा के अनुसार, यह जिम्मेदारी परिवार के पात्र सदस्यों के बीच क्रमवार सौंपी जाती है और राजीवरु इस बार इस पद के लिए अगली पंक्ति में थे.
राजीवरु का नाम पहले भी विवादों में रह चुका है. उन पर सबरीमाला मंदिर के स्वर्ण आभूषणों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के कथित गायब होने तथा गबन के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच की थी.
जांच के दौरान एसआईटी ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था, जबकि ईडी ने धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़े प्रावधानों के तहत उनसे पूछताछ की थी. बाद में उन्हें इन मामलों में जमानत मिल गई. फिलहाल जांच अंतिम चरण में है.
सूत्रों के अनुसार, त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड इस मामले में तत्काल कोई फैसला लेने के पक्ष में नहीं है. बोर्ड एसआईटी की अंतिम चार्जशीट और उच्च न्यायालय में चल रही कानूनी कार्यवाही का इंतजार कर रहा है.
गौरतलब है कि मंडलम-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा शुरू होने में अब केवल कुछ ही महीने शेष हैं. ऐसे में तंत्री की नियुक्ति का फैसला बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि मंदिर की प्रमुख धार्मिक रस्मों और अनुष्ठानों के संचालन में तंत्री की केंद्रीय भूमिका होती है.
–
डीएससी