सहारनपुर मस्जिद कार्रवाई पर साजिद रशीदी बोले, यह कृत्य संविधान पर कलंक

नई दिल्ली, 6 सितंबर . सहारनपुर मस्जिद मामले पर मौलाना साजिद रशीदी की प्रतिक्रिया सामने आई है. से बातचीत करते हुए साजिद रशीदी ने कहा, “जिस तरह से मस्जिद को तोड़ा गया है, यह संविधान पर ‘कलंक’ है. आज भी याकूब खान और वहीद खान के नाम पर वो जगह है. इसके बाद भी उस मस्जिद को रात के अंधेरे में तमाम लोगों को नजरबंद कर तोड़ दिया गया.”

साजिद रशीदी ने कहा कि जज की ओर से आदेश दिए गए और एसएसपी ने तत्काल लागू कर मुसलमानों के साथ षड्यंत्र किया. सरकार से मेरी अपील है कि अगर वह ईमानदार और निष्पक्ष है तो एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. मुसलमानों के पास हाईकोर्ट में जाने के लिए 22 दिन बचे थे, लेकिन उनको कोई समय नहीं दिया गया. उस मस्जिद को तोड़ गया ताकि भाजपा सियासत कर सके. मुसलमानों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया.

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने कहा, “यह बहुत अफसोस की बात है. सहारनपुर की यह मस्जिद 18वीं सदी से वहां मौजूद थी. इस पर स्टे ऑर्डर भी था, लेकिन कल सहारनपुर के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने स्टे ऑर्डर को खारिज कर दिया और बुलडोजर का इस्तेमाल करके मस्जिद को पूरी तरह से गिरा दिया. मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, इमामबाड़े और चर्च ऐसी जगहें हैं, जहां लोग मन की शांति के लिए जाते हैं. अब तक, किसी को भी इस मस्जिद से कोई शिकायत या समस्या नहीं थी.”

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद मनोज झा ने कहा, “हाल ही में पाकिस्तान में 100 साल पुराने मंदिर को तोड़ा गया और उसमें तोड़फोड़ की गई और हम सभी ने इस पर गहरी चिंता जताई. हम किससे बात करें? यहां क्या हो रहा है? हम पूरे दक्षिण एशिया में यह दावा कैसे कर सकते हैं कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है?”

एसडी/वीसी