समाजवादी पार्टी को अपने ही नाम से डर, ‘पीडीए’ के पीछे छिपने की कोशिश: भाजपा नेता राजेश यादव

फिरोजाबाद, 29 जुलाई . उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी पुरानी छवि से बचने के लिए अब ‘पीडीए’ के नारे के पीछे छिपने की कोशिश कर रही है. उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देगी.

से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि एक ओर भाजपा जातीय समीकरण साधने में जुटी है, जबकि दूसरी ओर समाजवादी पार्टी पीडीए का नारा दे रही है, तो उन्होंने कहा कि दोनों की राजनीति में बड़ा अंतर है.

राजेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने नाम से ही डर रही है. उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी की पहचान कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति, अपराध और अराजकता से जुड़ी रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के बीच समाजवादी पार्टी की पुरानी छवि आज भी मौजूद है और इसी कारण वह अब अपने नाम की बजाय ‘पीडीए’ को आगे रख रही है.

उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी दरअसल अपने नाम से डर रही है. समाजवादी पार्टी का नाम आते ही लोगों को पुराने दौर की याद आ जाती है. इसलिए अब वह समाजवादी पार्टी का नाम पीछे रखकर पीडीए को आगे करने की कोशिश कर रही है.”

भाजपा नेता ने कहा कि समाजवादी पार्टी अब तक पीडीए की स्पष्ट व्याख्या भी नहीं कर पाई है. पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पीडीए में ‘पी’ और ‘ए’ का वास्तविक अर्थ क्या है. इसमें ‘ए’ का अर्थ अगड़ा है या अल्पसंख्यक है. पहले उन्हें यह बताना चाहिए.

राजेश यादव ने आरोप लगाया कि पीडीए केवल एक राजनीतिक नारा बनकर रह गया है, जिसका इस्तेमाल समाजवादी पार्टी अपनी पुरानी छवि से दूरी बनाने के लिए कर रही है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और कानून-व्यवस्था के आधार पर फैसला करती है और भाजपा इन्हीं मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी.

पीआईएम/एएस