अखिलेश यादव के सनातन वाले पोस्ट पर भड़के संजय निषाद, कहा- सत्ता गई तो ये याद आया

लखनऊ, 10 जुलाई . समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट अब विवादों में आ गया है. अखिलेश यादव ने कहा था कि जो सनातन है, वही समाजवाद है. इस पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

संजय निषाद ने कहा कि इससे पहले क्या थे, इसका मतलब समाजवाद सनातन नहीं था, इसलिए तो सत्ता से दूर हैं. अब सत्ता से दूर हैं, इसलिए सनातन बन रहे हैं. आज जो लिख रहे हैं, इससे पता चलता है कि समाजवादी पार्टी औरंगजेब की विचारधारा पर चलती थी. अब जब सत्ता से दूर होते जा रहे हैं तो उन्हें सनातन याद आ रहा है. इस देश के लोग सनातन और संस्कृति को मानने वाले लोग हैं.

राम मंदिर मामले को लेकर अखिलेश यादव द्वारा सभी ट्रस्ट के लोगों की सीडीआर जांच कराने की मांग पर संजय निषाद ने कहा कि क्या वे जांचकर्ता हैं? अगर जांचकर्ता हैं तो उन्हें नियुक्त कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि जांच की अपनी अलग व्यवस्था है और जांच अधिकारी को अधिकार दिया गया है कि उसे किस तरह से जांच करनी है. अपराधी का न कोई दल होता है और न कोई जाति होती है. इसे किसी दल से जोड़ना गलत है.

हनुमानगढ़ी में नमाज वाले मुख्यमंत्री योगी के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें औरंगजेब की विचारधारा पर चलती थीं. उसने अपने पिता को जेल में बंद कर दिया था और भाई को खत्म कर दिया था, तब सत्ता में आया था. इसलिए इनको और कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया गया. इनकी सोच औरंगजेब जैसी है.

मुकेश साहनी की सलाह पर पलटवार करते हुए संजय निषाद ने कहा कि जिन्होंने गोली चलवाई, हमारा आरक्षण खत्म कर दिया और हमारे नाम को पिछड़ी जाति में कर दिया. मैंने उनकी सलाह मानी और मैं बिहार नहीं गया. हमने तय किया था कि वह बिहार में रहेंगे और मैं यहां रहूंगा, लेकिन वे यहां भी आ गए और भ्रम फैला रहे हैं.

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अगर निषाद समाज की हितैषी होती तो हर थाने में हमारे भी दो-चार सिपाही होते. हमारे लोग हर तहसील और ब्लॉक में होते. सपा सरकार में जब हमारे लोग भर्ती के लिए जाते थे, तब उनके सीने में दो घूंसे मारकर उनकी लंबाई घटा दी जाती थी. हमारे लोगों को अयोग्य बना दिया जाता था. इसी तरह बसपा रोजी-रोटी छीनने वाली पार्टी है. सपा हमारी शिक्षा छीनने वाली पार्टी है.

अंत में उन्होंने कहा कि सलाह उनकी मानी जाती है, जिनकी सलाह मानने लायक हो. जैसे कृष्ण की सलाह अर्जुन ने मानी थी. शकुनि की सलाह से सारे कौरव हार गए, इसलिए सलाहकार हमेशा कृष्ण जैसा होना चाहिए.

विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर उन्होंने कहा कि हमारी सभी 403 सीटों पर तैयारी चल रही है. जो भी सीटें मिलेंगी, उसी पर लड़ेंगे. पहले भी हमें भाजपा की हारी हुई सीटें मिली थीं, जिन्हें हमने जीताकर दिया. आगे भी जो सीटें मिलेंगी, उन्हें जिताएंगे.

एएमटी/वीसी