पीएम मोदी के जन्मदिन पर नासिक के संत समाज ने दी बधाई, कहा-इसी प्रकार करते रहें देश की सेवा

नासिक, 17 सितंबर . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर नासिक की पुण्यनगरी, धर्मनगरी एवं आगामी सिंहस्थ नगरी की ओर से संत समाज ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं. संत समाज की ओर से प्रवक्ता भक्तीचरण दास महाराज जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति नासिक के साधु-संतों में विशेष आत्मीयता और सम्मान का भाव है.

भक्तीचरण दास महाराज महाराज ने से कहा कि नासिक की पवित्र भूमि पर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए और संत समाज के साथ उनका संवाद हुआ, तब उनकी सरलता, सहजता और संतों के प्रति सम्मानपूर्ण व्यवहार का अनुभव हुआ. रामकुंड, भगवान कपिलेश्वर, प्रभु श्रीराम तथा नासिक की धार्मिक परंपराओं से जुड़े इस पावन क्षेत्र के प्रति प्रधानमंत्री की आस्था और जुड़ाव संत समाज के लिए विशेष महत्व रखता है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उस समय भी अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर में संत समाज के साथ उनके कई अवसरों पर संवाद हुए. संतों के साथ बैठकर चर्चा करना, उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद लेना तथा धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों में संत समाज को सम्मान देना उनके सार्वजनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पक्ष रहा है.

भक्तीचरण दास महाराज महराज ने कहा कि देश में शपथ ग्रहण समारोह हो या कोई धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन, प्रधानमंत्री संत समाज का स्मरण करते हैं और संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने को महत्व देते हैं. उनके अनुसार, प्रधानमंत्री की धार्मिक एवं आध्यात्मिक सोच के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों, बुद्धिजीवियों और संत समाज को साथ लेकर आगे बढ़ने का प्रयास दिखाई देता है.

उन्होंने बताया कि आज पीएम मोदी के जन्मदिन पर हनुमान मंदिर में लड्डू का प्रसाद चढ़ाया गया. इसके साथ ही उनकी दीर्घायु के लिए धार्मिक अनुष्ठान किए गए. इसके बाद मंदिर आने वाले सभी भक्तों में वही लड्डू का प्रसाद बाटा गया.

उन्होंने कहा, “नासिक के संत समाज की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं. भगवान श्रीराम, भगवान कपिलेश्वर महादेव और ब्रह्मगिरि की पावन धरती से हम उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और देशसेवा के लिए निरंतर शक्ति की कामना करते हैं.”

उन्होंने कहा कि संत समाज की यही कामना है कि प्रधानमंत्री मोदी इसी प्रकार देश की सेवा करते रहें और भारत की संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा एवं गौरव को विश्व पटल पर और मजबूती से स्थापित करने के लिए कार्य करते रहें.

पीआईएम/पीएम