तिब्बत में बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता विदेशी नागरिकों की तलाश जारी, 24 घंटे हेल्पलाइन सेवा शुरू

नई दिल्ली, 30 अगस्त . बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने बताया है कि चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (टीएआर) के अधिकारियों ने हाल ही में आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता विदेशी नागरिकों के बारे में जानकारी देने के लिए 24 घंटे चलने वाली दो विशेष अंग्रेजी भाषा हेल्पलाइन शुरू की हैं.

भारतीय दूतावास ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में लि‍खा, “तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (टीएआर), चीन में हाल में आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद, वहां के अधिकारियों ने लापता विदेशी नागरिकों के बारे में जानकारी पाने के इच्छुक परिवारों की सहायता के लिए 24 घंटे चलने वाली दो विशेष अंग्रेजी भाषा हेल्पलाइन शुरू की हैं.”

दूतावास ने वे दो नंबर साझा किए हैं जिनके जरिए परिवार लापता विदेशी नागरिकों के बारे में जानकारी ले सकते हैं. इन हॉटलाइन नंबरों पर 0086-891-6817165 और 0086-183-0802-6705 पर संपर्क किया जा सकता है.

यह एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई है जब तिब्बत और पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. हिमालयी क्षेत्र में एक ग्लेशियर के टूटने के बाद आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने चीन-नेपाल सीमा से लगे इलाकों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है.

इस आपदा में चीन की ओर अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 546 लोग लापता बताए गए हैं. इसके अलावा, सड़कों, पुलों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों को भी भारी नुकसान पहुंचा है.

यह आपदा 26 अगस्त, बुधवार को आई थी, जब तेज बाढ़ का पानी और मलबा प्रभावित क्षेत्रों में फैल गया. कई सड़कें, पुल और जरूरी सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे कई इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया.

उधर, नेपाल में भी अधिकारियों ने नई चेतावनी जारी की है, क्योंकि लगातार खराब मौसम और बाढ़ के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है.

नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने रविवार को बाढ़ संबंधी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि रसुवा जिले की भोटेसी नदी का जलस्तर और बढ़ गया है.

रविवार सुबह जारी नोटिस में प्राधिकरण ने कहा, “रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन सहित प्रभावित जिलों में खोज, बचाव और राहत कार्यों में लगे सभी लोगों, नदी किनारे रहने वाले नागरिकों और संबंधित सभी लोगों से सतर्क रहने का अनुरोध किया जाता है.”

नेपाल के जल एवं मौसम विज्ञान विभाग के अंतर्गत आने वाले बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग के अनुसार, धाडिंग जिले के गल्छी क्षेत्र में भोटे कोशी नदी के निचले हिस्से में बहने वाली त्रिशूली नदी का जलस्तर सामान्य स्तर से करीब तीन मीटर ऊपर पहुंच गया है.

अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और राहत-बचाव कार्यों में लगे कर्मियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि आगे भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है.

तिब्बत में शुरू की गई ये अंग्रेजी भाषा की हेल्पलाइन उन परिवारों के लिए काफी मददगार साबित हो सकती हैं, खासकर चीन के बाहर रहने वाले लोगों के लिए, जो इस आपदा में लापता हुए विदेशी नागरिकों के बारे में जानकारी हासिल करना चाहते हैं.

एवाई/एएस