
मुंबई, 20 सितंबर . मुंबई के लालबाग में एक गणपति पांडाल के पास करंट फैलने से दो लोगों की मौत के मामले पर शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने दुख जताया है. उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है.
शायना एनसी ने से बात करते हुए कहा, “सुरक्षा ऑडिट और फायर ऑडिट की जरूरत है. हमारी मांग है कि जांच के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों. पीड़ित परिवार को न्याय जरूर मिलेगा”
मुंबई में तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार के हादसे में तीन लोगों की मौत के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शायना एनसी ने युवाओं से अपील की है कि वे सड़कों पर सावधानी बरतें. उन्होंने कहा, “जल्दबाजी में नुकसान ही होता है. मुझे उम्मीद है कि युवा पीढ़ी यह समझेगी कि रेसिंग और तेज गाड़ी चलाने से कभी-कभी जान भी जा सकती है. गाड़ी चलाते समय कृपया सावधानी बरतें. दुर्घटनाएं तो होती ही हैं लेकिन अगर लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से कोई दुर्घटना होती है, तो उसे निश्चित रूप से टाला जा सकता है.”
आईआईटी बॉम्बे के छात्र की खुदकुशी के मामले पर शायना एनसी ने कहा कि किसी भी बड़े शिक्षण संस्थान में इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा, “चाहे आईआईटी हो या कोई भी बड़ा संस्थान, उम्मीद यही की जाती है कि जब कोई आत्महत्या होती है, तो उसकी जांच होनी चाहिए और मामले की तह तक जाना चाहिए. किसी भी बच्चे की जान जाने पर, चाहे कारण कुछ भी हो, उसकी जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.”
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान मंच से एक बुजुर्ग माता को कुर्सी देने के लिए कहने वाले मानवीय बयान का कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मजाक उड़ाए जाने पर शायना एनसी ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा, “यह ‘छात्रों की गूंज’ नहीं है. यह झूठ की आवाज है. राहुल गांधी सिर्फ अफवाहें फैलाते हैं और प्रधानमंत्री का अपमान करते हैं. प्रधानमंत्री की मां के बारे में उन्होंने जो कहा, वह बेहद शर्मनाक था. अगर आप प्रधानमंत्री और उनके पद की गरिमा का सम्मान नहीं कर सकते हैं तो आप एक सौ चालीस करोड़ जनता का सम्मान कैसे करेंगे.”
विभिन्न राज्यों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के विरोध पर शायना एनसी ने कहा, “एसआईआर क्या है? चुनाव आयोग हर कुछ सालों में एक सफाई प्रक्रिया चलाता है. इसमें डुप्लिकेट वोटर, घुसपैठिए या ऐसे लोग हो सकते हैं जो अब वहां नहीं रहते. यह एक सफाई प्रक्रिया है. अगर आप यह सफाई नहीं चाहते हैं, तो आप सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं. अगर आप आने वाले दिनों में निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं, तो चुनाव आयोग की स्वतंत्र प्रक्रियाओं पर भरोसा करें. अगर आपको कोई आपत्ति है, तो शिकायत दर्ज करें.”
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पीआईएम/पीएम