
मुंबई, 28 अगस्त . नए परिसीमन व्यवस्था के लिए संविधान संशोधन विधेयक पारित करने को लेकर सरकार द्वारा संसद का विशेष सत्र बुलाने के संकेत के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा विरोध जताने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग पर शिवसेना ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने से बात करते हुए कहा, “परिसीमन (डिलिमिटेशन) पर चर्चा जरूर होनी चाहिए क्योंकि हम चाहते हैं कि ‘नारी शक्ति वंदन’ बिल पास हो. अगर विपक्ष को कोई आपत्ति है, तो उन्हें आगे आकर चर्चा करनी चाहिए. सरकार की ओर से, माननीय प्रधानमंत्री ने सभी के साथ बातचीत के रास्ते खुले रखे हैं. लेकिन आज के नजरिए से मैं बस इतना ही कहूंगी: इसमें अपनी राजनीति न लाएं और देशहित के बारे में सोचें.”
महाराष्ट्र सरकार द्वारा ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए एक साल का समय दिए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए शायना एनसी ने कहा, “अगर कोई समय मांगता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है. सभी को कुछ अतिरिक्त समय (ग्रेस पीरियड) दिया जाएगा. हालांकि, मराठी सीखना जरूरी है. अगर आप सर्विस प्रोवाइडर हैं, तो काम-काज लायक मराठी आना जरूरी है.”
नेपाल में अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) पर भी शिवसेना प्रवक्ता ने चिंता जताई और कहा कि शिवसेना बचाव कार्य में पूरी तरह सक्रिय है.
शायना एनसी ने बताया, “हमारे नेता एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के उन नागरिकों और पर्यटकों से वीडियो कॉल पर बात की जो नेपाल में यात्रा कर रहे थे. महाराष्ट्र के 114 से ज्यादा पर्यटक वहां फंसे हुए हैं और हम सीधे उनसे बातचीत कर रहे हैं, साथ ही विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास भी उनसे संपर्क में हैं. हमारा एकमात्र मकसद हर नागरिक को सुरक्षित बचाना है.”
उन्होंने आगे कहा, “केंद्र सरकार की ओर से जारी हेल्पलाइन बहुत काम की साबित हुई है क्योंकि इससे यात्रा से जुड़ी जानकारी मिलती है. जाहिर है, जान-माल का यह नुकसान बेहद दुखद और दिल दहला देने वाला है. इसलिए हम उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं.”
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पीआईएम/पीएम