
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर . लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर सियासत गरमा गई है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. वहीं, कांग्रेस ने भाजपा द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार किया है.
दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “राहुल गांधी पार्ट-टाइम राजनेता और फुल-टाइम ट्रैवलर हैं. जब पूरा देश उत्साह और खुशी में डूबा होता है और दशहरा जैसे पर्व मना रहा होता है, तो उन्हें यह अच्छा नहीं लगता और वे विदेश चले जाते हैं.”
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “राहुल गांधी केवल समस्या हैं, समाधान नहीं. देश को आज समाधान की जरूरत है. मैं उनसे अपील करता हूं कि वे केवल समस्या बनकर न रहें, कभी समाधान बनने की भी कोशिश करें.” उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “यह ‘सत्ता परिवर्तन गिरोह’ अराजकता फैलाकर सत्ता में आने के हसीन सपने देख रहा है. उनके इरादे कभी पूरे नहीं होंगे. यहां सवाल सत्ता का नहीं, देश का है – विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत का. इस लक्ष्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 140 करोड़ भारतवासी जुटे हुए हैं.”
वहीं, कांग्रेस ने भाजपा द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार किया है. कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जब चाहते हैं, विदेश दौरे पर चले जाते हैं और वह भी संसद सत्र के बीच में. सवाल तो देश को उनसे करना चाहिए. देश प्रधानमंत्री चलाते हैं. राहुल गांधी कौन सा देश चलाते हैं? वह तो कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन के नेता हैं.”
उन्होंने कहा कि जब भी इंडिया गठबंधन की बैठक होती है, भाजपा के पास कहने को कुछ नहीं होता. राहुल गांधी को पहले पप्पू बनाया गया लेकिन जो पप्पू बनाने वाले थे, वही खुद पप्पू हो गए और राहुल गांधी आज इंटरनेशनल लीडर बन गए हैं. फिर भी ये लोग बाज नहीं आते.
उदित राज ने कहा, “राहुल गांधी को भी एकांत चाहिए होता है. महात्मा गांधी भी एकांत में रहते थे, पढ़ते थे, लिखते थे, आत्म-आलोचना करते थे. हम लोग भी छुट्टी पर जाते हैं, उससे एनर्जी मिलती है और सही दिशा मिलती है.”
उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, “इन लोगों से न पढ़ना होता है, न लिखना. ये अनपढ़ों की फौज है, ये सिर्फ ब्रूट पावर है. इनको क्या पता अध्यात्म क्या है, मेडिटेशन क्या है, एजुकेशन क्या है? अमित शाह ने कितनी किताबें पढ़ीं, पीएम मोदी बताएं कि कितनी किताबें पढ़ीं? राहुल गांधी बहुत किताबें पढ़ते हैं.”
उदित राज ने अपने निजी अनुभव का जिक्र करते हुए कहा, “मैंने एक बार उनके साथ ट्रेवल किया है. मैं खुद को थोड़ा-बहुत पढ़ा-लिखा समझता हूं लेकिन उनका ज्ञान देखकर मैं हैरान रह गया था. ये अनपढ़ों की जमात क्या जान पाएगी कि राहुल गांधी क्या हैं.”
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