कलबुर्गी में बिना अनुमति लगी सिद्दारमैया की प्रतिमा हटाई गई, प्रशासन ने की कार्रवाई

कलबुर्गी (कर्नाटक), 17 सितंबर . कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की नौ फुट ऊंची प्रतिमा को गुरुवार को कलबुर्गी नगर निगम ने कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच हटा दिया. इसे कलबुर्गी के हाई कोर्ट सर्किल पर रातोंरात बिना अनुमति के स्थापित किया गया था.

अधिकारियों के अनुसार, सिद्दारमैया के समर्थकों के एक समूह ने जिला प्रशासन और नगर निगम से अनुमति लिए बिना इस प्रतिमा को स्थापित किया था. प्रतिमा लगाए जाने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इसे हटवा दिया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इसके लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी.

यह प्रतिमा उस मार्ग पर लगाई गई थी, जहां से मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को अपने कलबुर्गी दौरे के दौरान गुजरना था और वहां से उन्हें गाणगापुर मंदिर भी जाना था. इससे इस घटनाक्रम को राजनीतिक महत्व भी मिल गया.

सूत्रों के अनुसार, सिद्दारमैया के समुदाय कुरुबा समाज से जुड़े आठ से दस लोगों ने प्रतिमा स्थापित करने में भूमिका निभाई. यह समूह लंबे समय से हाई कोर्ट सर्किल का नाम सिद्दारमैया के नाम पर रखने की मांग कर रहा था. हालांकि प्रशासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी, फिर भी समूह ने प्रतिमा स्थापित कर दी.

बताया जा रहा है कि इसी समूह ने लगभग तीन साल पहले भी इसी स्थान पर सिद्दारमैया की प्रतिमा लगाई थी. उस समय भी प्रशासन ने उसे हटा दिया था.

यह ताजा घटना ऐसे समय हुई जब डीके शिवकुमार कलबुर्गी दौरे पर थे. इसके बाद राजनीतिक गलियारों में प्रतिमा लगाए जाने के समय को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं. कुछ लोगों का मानना था कि इस कदम के जरिए सरकार पर प्रतिमा को नियमित मान्यता देने या सर्किल का नाम बदलने का दबाव बनाया जा सकता है.

हालांकि, अधिकारियों ने यह कहते हुए प्रतिमा हटा दी कि इसे बिना अनुमति के लगाया गया था और नियमों का उल्लंघन किया गया है.

माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम के बाद कर्नाटक की राजनीति में नई बहस छिड़ सकती है, खासकर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और सिद्दारमैया के राजनीतिक संबंधों को लेकर. सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर दोनों नेताओं के राजनीतिक समीकरणों को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं. हालांकि, इस प्रतिमा विवाद पर दोनों नेताओं की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

प्रतिमा हटाने के दौरान किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा.

एएमटी/डीकेपी