सोना महापात्रा बर्थडे : आवाज में लोक संगीत की मिठास और गायन की खास शैली, गानों के साथ विवादों से भी रहा नाता

मुंबई, 16 जून . बॉलीवुड की दमदार आवाजों में शुमार गायिका सोना महापात्रा बुधवार को अपना 50वां जन्मदिन मना रही हैं. 17 जून 1976 को जन्मीं सोना ने अपनी गायकी, स्वतंत्र सोच और बेबाक व्यक्तित्व के दम पर इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई है. अपने करियर के दौरान उन्होंने कई यादगार गाने दिए और संगीत की दुनिया में एक विशिष्ट स्थान हासिल किया.

सोना का संगीत से जुड़ाव बचपन से ही रहा. हालांकि उन्होंने पढ़ाई के क्षेत्र में भी शानदार उपलब्धियां हासिल कीं. भुवनेश्वर के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से बीटेक (इंस्ट्रूमेंटेशन एंड इलेक्ट्रॉनिक्स) करने के बाद उन्होंने सिम्बायोसिस, पुणे से एमबीए की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने कॉरपोरेट जगत में भी काम किया और मारिको जैसी कंपनी से जुड़कर पाराशूट और मेडिकर जैसे बड़े ब्रांड्स को संभाला.

लेकिन संगीत के प्रति उनका लगाव उन्हें सुरों की दुनिया में खींच लाया. जिंगल्स से अपने संगीत सफर की शुरुआत करने वाली सोना ने वर्ष 2007 में अपना पहला एल्बम ‘सोना’ रिलीज किया, जिसे श्रोताओं की ओर से बढ़िया प्रतिक्रिया मिली. इसके बाद उन्होंने कई लोकप्रिय गीतों को अपनी आवाज़ दी और अपनी अलग गायकी शैली से पहचान बनाई.

आमिर खान के चर्चित शो ‘सत्यमेव जयते’ में उनकी प्रस्तुतियों ने उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. उनकी आवाज में लोक संगीत की मिठास और समकालीन संगीत का मेल साफ दिखाई देता है. पति और संगीतकार राम संपत के साथ मिलकर वह स्वतंत्र संगीत को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार काम कर रही हैं. दोनों ने ‘ओमग्राउन म्यूजिक’ के जरिए कई प्रयोगात्मक और फोक-पॉप प्रोजेक्ट्स पर काम किया है.

सोना महापात्रा सिर्फ एक गायिका ही नहीं, बल्कि अपनी स्पष्ट राय रखने वाली कलाकार के रूप में भी जानी जाती हैं. सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर उनकी बेबाक टिप्पणियां अक्सर चर्चा का विषय बनी हैं. अपने विचारों को खुलकर रखने की उनकी शैली ने उन्हें संगीत जगत की विशिष्ट आवाजों में शामिल किया है.

अब, जब सोना महापात्रा अपने जीवन के 50वें पड़ाव में प्रवेश कर रही हैं, उनके प्रशंसक उनके संगीत, व्यक्तित्व और अब तक के सफर को सलाम कर रहे हैं और आने वाले वर्षों में उनकी नई प्रस्तुतियों का इंतजार कर रहे हैं.

एसडी/एएस